भारत सरकार आगामी बजट में ग्रामीण आवास के लिए दी जाने वाली राशि को 1.2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की योजना बना रही है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी के चुनावों में कमजोर प्रदर्शन के बाद उठाया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों के विकास पर अधिक खर्च की योजना
सरकार ग्रामीण इलाकों के विकास पर खर्च बढ़ाने की भी सोच रही है। इसमें गांव की सड़कों और गैर-खेती रोजगार के लिए कार्यक्रम शामिल हैं। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह 2016 में शुरू हुए ग्रामीण आवास कार्यक्रम पर अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की चुनौतियां
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की समस्याओं को लेकर चिंतित है। महंगाई और किसानों की आय में धीमी वृद्धि से ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित हैं। इसके समाधान के लिए सरकार इस योजना पर अधिक खर्च करने की तैयारी कर रही है।
बजट में बड़े बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस महीने के अंत में बजट पेश करते समय इस योजना की विस्तृत जानकारी देंगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस बार ग्रामीण योजनाओं के लिए बजट में काफी बढ़ोतरी की जाएगी, जिसमें आवास, सड़कें और रोजगार कार्यक्रम शामिल हैं। ग्रामीण आवास के लिए 55,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित हो सकती है।
रोजगार कार्यक्रम और सड़कों पर भी खर्च बढ़ाने की योजना
ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए भी खर्च बढ़ाने की योजना है। पहले इसके लिए 86,000 करोड़ रुपये का अनुमान था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर बाद में संसद से मंजूरी ली जा सकती है। गांव की सड़कों पर खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
निजी खर्च बढ़ाने की मांग
बजट से पहले हुई चर्चा में अर्थशास्त्रियों और उद्योग जगत के नेताओं ने गांवों में खर्च बढ़ाने की मांग की थी, ताकि लोगों का सामान खरीदने पर खर्च बढ़े। निजी खर्च, आर्थिक विकास की रफ्तार से आधी रफ्तार से बढ़ रहा है।
2 करोड़ ग्रामीण घर बनाने की योजना
गरीबों के लिए 2 करोड़ ग्रामीण घर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अगले कुछ सालों में 4 लाख करोड़ रुपये तक आवंटित किए जा सकते हैं। इसमें केंद्र सरकार का योगदान लगभग 2.63 लाख करोड़ रुपये होगा।
सहायता राशि बढ़ाने का प्रस्ताव
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रति घर सहायता राशि बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। पहले यह राशि 1.2 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 2 लाख रुपये करने का सुझाव दिया गया है। इसका कारण कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बताई गई हैं।
नई योजना की घोषणा
मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 3 करोड़ घर बनाने की योजना की घोषणा की थी। हालांकि, इस पर कितना खर्च होगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन ग्रामीण विकास मंत्रालय ने घर बनाने के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
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