अंटार्कटिका का साउथ पोल दुनिया की सबसे कठिन और खतरनाक जगहों में गिना जाता है। यहां तापमान माइनस डिग्री में चला जाता है, तेज़ बर्फीली हवाएं चलती हैं और चारों ओर सिर्फ बर्फ ही बर्फ दिखाई देती है। ऐसी परिस्थितियों में सामान्य इंसान का वहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल होता है।
इसी चुनौतीपूर्ण माहौल में भारत की महज 18 साल की पर्वतारोही काम्या कार्तिकेयन ने एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। काम्या ने स्की करते हुए अंटार्कटिका के साउथ पोल तक सफलतापूर्वक अपनी यात्रा पूरी की और इतिहास रच दिया।
स्की के जरिए तय किया कठिन सफर
काम्या कार्तिकेयन ने ये यात्रा अत्यंत कठिन परिस्थितियों में पूरी की। साउथ पोल तक स्की करना न केवल शारीरिक मजबूती की मांग करता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और साहस की भी कड़ी परीक्षा लेता है। बेहद कम तापमान, सीमित संसाधन और कठिन भूभाग के बावजूद काम्या ने अपने लक्ष्य को हासिल किया।
भारतीय नौसेना ने दी बधाई
काम्या की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारतीय नौसेना ने भी उन्हें बधाई दी है। नौसेना की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि काम्या का ये साहसिक कारनामा देश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगा। ये उपलब्धि ये साबित करती है कि सही संकल्प और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर काम्या कार्तिकेयन ने ये दिखा दिया है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। उनका ये साहसिक अभियान न केवल भारत का नाम रोशन करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी कठिन लक्ष्यों को पाने के लिए प्रेरित करता है।
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