नकद सहायता योजना: मुंबई में एक नई सरकारी योजना को लेकर विवाद हो रहा है, जिसमें गरीब महिलाओं को ₹1500 की नकद सहायता दी जाएगी। हालांकि इस योजना की आलोचना भी हो रही है, फिर भी बड़ी संख्या में महिलाएं इसके लिए आवेदन कर रही हैं।
योजना की घोषणा और प्रतिक्रिया
शुक्रवार को राज्य के अंतरिम बजट के दौरान ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ योजना की घोषणा की गई। इस योजना का वार्षिक खर्च सरकार पर ₹46,000 करोड़ आएगा। योजना का उद्देश्य महिलाओं, युवाओं, और किसानों की मदद करना है। यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले लाई गई है, जो अक्टूबर में होने वाले हैं।
विपक्ष की आलोचना
विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार ने इस योजना को ‘विधानसभा विशेषाधिकार का उल्लंघन’ कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए कर रही है और इसे बिना विधानसभा में चर्चा के लागू कर दिया गया है। हालांकि, सरकार का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए महिलाओं को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदनकर्ता का वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए और वे किसी अन्य सरकारी नकद सहायता योजना के लाभार्थी नहीं होने चाहिए। इसके अलावा, आवेदक को महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए, जिसका मतलब है कि उन्हें कम से कम 15 साल से राज्य में रहना चाहिए।
आवेदन करने के लिए, महिलाओं को एक फॉर्म भरना होगा जिसमें वे यह घोषित करेंगी कि उनके पास घर या चार-पहिया वाहन नहीं है और उनकी पारिवारिक आय निर्धारित स्तर से कम है। फॉर्म ऑनलाइन या स्थानीय सरकारी कार्यालयों में भरा जा सकता है।
सहायता केंद्र और सामुदायिक समूह
मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक समूह महिलाओं की सहायता कर रहे हैं। ये समूह महिलाओं को आवेदन भरने में मदद कर रहे हैं। नागपाड़ा में अधिवक्ता नदीम सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन दिनों में 400 से अधिक महिलाओं की मदद की है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज़ों में कोई गलती नहीं होनी चाहिए, जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, और घोषणा फॉर्म।
योजना के लाभार्थी
रिम्शा अंसारी, 28, एक गृहिणी हैं और मदनपुरा की निवासी हैं। उनके पति एक इलेक्ट्रिकल सर्विस स्टॉल चलाते हैं, लेकिन बीमार होने के कारण पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहे हैं। रिम्शा का कहना है कि यह नकद सहायता उनके बच्चों की शिक्षा में मदद करेगी।
सरकार ने बताया है कि योजना के लिए आवेदन 1 जुलाई से शुरू होंगे और पहली किस्त अगस्त में दी जाएगी।
मुंबई की नई नकद सहायता योजना ने महिलाओं में बहुत रुचि उत्पन्न की है। हालांकि इसकी आलोचना भी हो रही है, फिर भी बड़ी संख्या में महिलाएं इसके लिए आवेदन कर रही हैं। सामुदायिक समूह और सहायता केंद्र महिलाओं को इस प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।
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