Cyber Fraud in Chhatrapati Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर में साइबर ठगों ने एक बार फिर बुजुर्ग को निशाना बनाया है। 72 साल के रिटायर्ड महावितरण अधिकारी दिलीप मोतीलाल कोंडेकर से ठगों ने 46 लाख रुपये लूट लिए। ये ठगी व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए की गई, जिसमें ठग ने खुद को सीनियर IPS अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल बताकर बुजुर्ग को डराया। इस घटना ने शहर में साइबर अपराध की चिंता को और बढ़ा दिया है।
4 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे दिलीप कोंडेकर के फोन पर एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को विश्वास नांगरे पाटिल बताया और कहा कि कोंडेकर के नाम से केनरा बैंक में खाता खोलकर 2.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। ठग ने उन्हें डराने के लिए फर्जी इंडी वारंट और फोटो वारंट दिखाए। साथ ही धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो 90 दिन की जेल होगी और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डर के मारे कोंडेकर ने ठगों की बात मान ली। ठगों ने उनसे उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर पैसे एक खाते में जमा करने को कहा, ताकि कथित तौर पर जांच पूरी हो सके। इस तरह कोंडेकर ने 46 लाख रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से ऐसे कॉल्स पर भरोसा न करने की अपील की है।
ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई में समर्थ नगर के एक 77 साल के बुजुर्ग से भी ठगों ने विश्वास नांगरे पाटिल बनकर 78 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए थे। उस मामले में भी ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी फंडिंग का आरोप लगाकर बुजुर्ग को डराया था। क्रांति चौक पुलिस स्टेशन में उसकी शिकायत दर्ज की गई थी। इन दोनों घटनाओं में ठगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल किया। AI की मदद से बनाए गए नकली वीडियो ने ठगों को असली अधिकारी की तरह पेश करने में मदद की।
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