साउथ सुपरस्टार प्रभास की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘द राजा साब’ (The Raja Saab) को रिलीज़ हुए एक दिन पूरा हो चुका है। फिल्म ने रिलीज़ के पहले ही दिन भारत में करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत के बीच अब फिल्म को लेकर एक चौंकाने वाला और चिंताजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रभास के फैन्स की दीवानगी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थिएटर में जश्न बना खतरा
दरअसल, प्रभास की थिएटर में वापसी का जश्न मनाने के दौरान कुछ फैन्स ने ओडिशा के एक सिनेमा हॉल में आग लगा दी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बच गया। ये घटना फिल्म ‘द राजा साब’ की स्क्रीनिंग के समय की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि स्क्रीन के सामने बड़ी मात्रा में कॉन्फेटी (रंगीन कागज) पड़ी हुई है, जिसमें आग लगी हुई है।
25 किलो कॉन्फेटी जलाने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये घटना ओडिशा के अशोका थिएटर की है, जहां प्रभास के कुछ फैन्स ने कथित तौर पर 25 किलो कॉन्फेटी में आग लगा दी। थिएटर जैसे बंद स्थान में आग लगना न सिर्फ दर्शकों बल्कि पूरे स्टाफ की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता था। सौभाग्य से समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
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सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स ने फैन्स की इस हरकत की जमकर आलोचना की है। कई लोगों ने इसे सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि इस तरह का जश्न सिनेमाघर के अनुभव और लोगों की जान दोनों के साथ खिलवाड़ है।
एक यूज़र ने लिखा, “ये प्रभास के फैन्स की मैच्योरिटी है। मैं प्रभास की नहीं, फैन्स की बात कर रहा हूं। ये आपका घर नहीं है, ऐसा व्यवहार बिल्कुल गलत है। इससे प्रभास का नाम भी खराब हो रहा है।” वहीं दूसरे यूज़र ने चिंता जताते हुए कहा, “अगर आग थोड़ी भी फैल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ये जश्न मनाने का तरीका नहीं है।”
फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया
9 जनवरी को रिलीज़ हुई ‘द राजा साब’, प्रभास की ‘कल्कि 2898 एडी’ के बाद अगली फिल्म है, जिसका दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था। फिल्म का निर्देशन मारुति ने किया है। हालांकि शुरुआती कलेक्शन शानदार रहा है, लेकिन दर्शकों की तरफ से फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
दीवानगी की हद बन सकती है खतरा
गौरतलब है कि फिल्मी सितारों के लिए फैन्स की दीवानगी कोई नई बात नहीं है। कोई मंदिर बनवाता है, कोई टैटू करवाता है, तो कोई अनोखे अंदाज में थिएटर पहुंचता है। लेकिन जब ये दीवानगी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए, तो ये चिंता का विषय बन जाती है।
इस घटना ने एक बार फिर ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जश्न और जुनून के बीच जिम्मेदारी की रेखा कहां खींची जानी चाहिए, ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े।
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