धर्म-राशिफल

हर्षा रिछारिया ने छोड़ी धर्म की राह, बोलीं – “आप धर्म अपने पास रखिए, मैं सीता नहीं हूं”

हर्षा रिछारिया
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सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका एक भावुक और तीखा बयान है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हर्षा ये कहते हुए नजर आ रही हैं कि “आप धर्म अपने पास रखिए, मैं सीता नहीं हूं”। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वो अब धर्म की उस राह पर नहीं चलना चाहतीं, जिस पर समाज उन्हें जबरन चलाने की कोशिश कर रहा है।

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं, तो कुछ लोग उनके बयान की आलोचना भी कर रहे हैं।

वीडियो में क्या कहती नजर आईं हर्षा रिछारिया?

वायरल वीडियो में हर्षा रिछारिया भावुक होते हुए कहती हैं कि उनसे बार-बार ये अपेक्षा की जाती रही कि वो एक आदर्श धार्मिक महिला की तरह व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि समाज उन्हें देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों से जोड़कर देखने लगा था, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ता चला गया।

हर्षा का कहना है कि वो कोई पौराणिक पात्र नहीं हैं और न ही उनसे ये उम्मीद की जानी चाहिए कि वो हर हाल में आदर्श छवि पर खरी उतरें। इसी दबाव से परेशान होकर उन्होंने धर्म से दूरी बनाने का फैसला लिया।

क्यों लिया धर्म की राह छोड़ने का फैसला?

हर्षा रिछारिया के अनुसार, धर्म के नाम पर उन्हें लगातार ट्रोल किया गया, उनके पहनावे, बोलचाल और निजी जिंदगी पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि धर्म को लेकर लोगों की कठोर सोच और जजमेंटल रवैया उन्हें अंदर से तोड़ रहा था।

उन्होंने साफ कहा कि आस्था निजी मामला होता है, लेकिन जब इसे किसी पर थोपा जाने लगे, तो ये घुटन का कारण बन जाता है। इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने ये फैसला लिया कि वो अब इस रास्ते पर आगे नहीं बढ़ेंगी।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

हर्षा रिछारिया का ये वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने उनके साहस की तारीफ की और कहा कि उन्होंने एक जरूरी मुद्दे पर आवाज उठाई है। वहीं कुछ लोगों ने उनके बयान को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर आपत्तिजनक बताया।

ये वीडियो एक बार फिर ये सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया पर पब्लिक फिगर्स से कितनी अपेक्षाएं रखना सही है और क्या किसी की निजी आस्था पर सार्वजनिक दबाव बनाया जाना चाहिए।

पहले भी विवादों में रह चुकी हैं हर्षा

ये पहला मौका नहीं है जब हर्षा रिछारिया विवादों में आई हों। इससे पहले भी उनके विचारों, वीडियो कंटेंट और बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस होती रही है। हालांकि हर बार उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और ट्रोलिंग के बावजूद पीछे नहीं हटीं।

हर्षा रिछारिया का वायरल वीडियो धर्म, आस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा को जन्म देता है। ये मामला सिर्फ एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर का नहीं, बल्कि उस सोच का है, जहां किसी व्यक्ति से उसकी पहचान, विश्वास और व्यवहार को लेकर तय मानकों पर खरा उतरने की उम्मीद की जाती है।

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