उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लेवा गांव में एक दर्दनाक और अचानक हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यहां पिता की तेरहवीं (तेहरावी) के ही दिन उनके बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई, जिससे शोक के माहौल में भय का भी सूचक जुड़ गया है।
मामला क्या है?
घटना 20 जनवरी 2026 की है, जब रामकृपाल की तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान उनके 25 वर्षीय बेटे विकास का गांव के कुछ लोगों से विवाद हो गया था, लेकिन तत्काल बीच-बचाव से मामला शांत कर दिया गया था।
उसी शाम हुई हत्या
सीरियस घटनाओं का सिलसिला तब शुरू हुआ जब विकास शाम को घर से बाहर शौच के लिए अकेले निकला। तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया और चाकू से गोद दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिवार के चार सदस्य घायल
हमले के दौरान विकास की जान बचाने के प्रयास में परिवार के चार अन्य सदस्य भी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार उनमें से एक की स्थिति गंभीर है और अन्य का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना के बाद से ही पूरे गांव में तनाव का माहौल रहा। पुलिस ने मौके पर अधिक सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। घायल व्यक्तियों के बयान के आधार पर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। अभी तक मृतक पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है, लेकिन पुलिस आपसी रंजिश और विवाद के कोण से मामले की गहनता से जांच कर रही है।
गांव में शोक और सवाल
ये घटना इलाके में इसलिए भी चिंता का विषय बनी है क्योंकि ये सामान्य पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान हुई। परिवार और ग्रामीण इस हत्या की वजह और जिम्मेदारों के बारे में सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन हर कदम पर मामले की जांच को प्राथमिकता दे रहा है।
आगे क्या होगा?
पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उभरते सबूतों तथा गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इलाके में शांति बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय है।
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