महाराष्ट्र

Baramati Plane Crash: जानें कैसे हुई अजित पवार के शव की पहचान

अजित पवार
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Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। ये हादसा उस समय हुआ जब उनका चार्टर प्लेन बारामती में लैंडिंग की तैयारी कर रहा था। हादसा इतना भयावह था कि विमान पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और उसमें सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्लेन में आग लगने के बाद कई तेज धमाके सुनाई दिए और पूरा आसमान काले धुएं से भर गया।

मिली जानकारी के अनुसार, अजित पवार मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बारामती जा रहे थे। ये एक चार्टर फ्लाइट थी, जो Learjet 45XR मॉडल की थी। बारामती पुणे जिले में स्थित है और ये अजित पवार का गृह क्षेत्र भी माना जाता है। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और रनवे के पास क्रैश हो गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई।

इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार के साथ पायलट, को-पायलट और दो अन्य लोग भी सवार थे। सभी के शव बुरी तरह जल चुके थे, जिससे उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि विमान पूरी तरह राख में तब्दील हो गया और किसी भी शव की शिनाख्त संभव नहीं लग रही थी।

सबसे बड़ा सवाल ये था कि जब शव पूरी तरह जल चुके थे, तो अजित पवार की पहचान आखिर कैसे हुई। अधिकारियों ने बताया कि डीएनए टेस्ट के लिए परिजनों से सैंपल मंगाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी। दरअसल, अजित पवार की कलाई में मौजूद उनकी विशेष घड़ी ने उनकी पहचान संभव बनाई। ये वही घड़ी थी, जिसे वो हमेशा पहनते थे और इसी घड़ी के आधार पर उनके शव की पुष्टि की गई। एक चश्मदीद ने बताया कि जब घटनास्थल पर जांच चल रही थी, तब एक जली हुई घड़ी मिली, जिससे ये स्पष्ट हो सका कि ये अजित पवार का ही शव है।

अजित पवार 66 वर्ष के थे और महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा चेहरा माने जाते थे। वो एनसीपी के प्रमुख नेता और शरद पवार के भतीजे थे। वर्तमान में वो महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर कार्यरत थे। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।

हादसे के कारणों को लेकर फिलहाल जांच जारी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर खराब मौसम, तकनीकी खराबी या पायलट की त्रुटि को संभावित कारण माना जा रहा है। ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आ सके।

अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने 28 से 30 जनवरी तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में झंडा आधा झुका रहेगा और राजकीय कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बारामती रवाना हो गए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अजित पवार एक जमीन से जुड़े नेता थे, जिन्होंने सादगी और मेहनत से जनता के बीच खास पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि ये न केवल राज्य के लिए, बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी एक बहुत बड़ी क्षति है। दोनों नेताओं ने साथ में कई राजनीतिक संघर्ष देखे थे और महाराष्ट्र के विकास में अजित पवार का योगदान बेहद अहम रहा है।

बताया जा रहा है कि अजित पवार का अंतिम संस्कार आज ही बारामती में किया जाएगा। एनसीपी कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में अस्पताल और घटनास्थल के आसपास जमा हैं। पूरा महाराष्ट्र इस दुखद हादसे से स्तब्ध है।

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