देश-विदेश

Budget 2026-27: ‘अमृत काल’ के भविष्य की नींव और तकनीक का नया सवेरा

Budget 2026-27: 'अमृत काल' के भविष्य की नींव और तकनीक का नया सवेरा

Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया यह बजट तात्कालिक राहत के बजाय दूरगामी विकास (Long-term growth) पर केंद्रित नजर आता है। जहाँ एक ओर मध्यम वर्ग को आयकर में बदलाव की उम्मीद थी, वहीं सरकार ने अपना पूरा ध्यान भारत को वैश्विक ‘टेक-हब’ बनाने और नए जमाने के रोजगार सृजित करने पर लगाया है।

AVGC सेक्टर: रोजगार का नया पावरहाउस
सरकार ने माना है कि भविष्य ‘क्रिएटिव इकोनॉमी’ का है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) को अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर उद्योग के रूप में देखा जा रहा है।

  • 20 लाख नौकरियां: 2030 तक इस क्षेत्र में भारी कार्यबल की आवश्यकता होगी।
  • एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर: मुंबई में ‘भारतीय इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज’ की स्थापना और 15,000 स्कूलों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ युवाओं को स्कूली स्तर से ही भविष्य की स्किल्स से लैस करेगी।

डेटा और क्लाउड: 2047 तक का विजन
डिजिटल इंडिया को अगले स्तर पर ले जाने के लिए सरकार ने ‘डेटा सेंटर’ निवेश पर बड़ा दांव खेला है।

  • टैक्स हॉलिडे: क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स छूट की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है। यह वैश्विक दिग्गजों (जैसे Google, AWS, Microsoft) को भारत में अपना आधार मजबूत करने के लिए आकर्षित करेगा।
  • रणनीतिक लाभ: इससे न केवल डेटा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि भारत डेटा प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र (Global Hub) बन सकेगा।

एमएसएमई (MSME): छोटे उद्योगों को ‘चैम्पियन’ बनाने की तैयारी
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड आवंटित किया गया है। यह फंड उन उद्यमियों के लिए है जो विस्तार करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी से जूझ रहे हैं।

  • उद्देश्य: स्थानीय निवेश को बढ़ावा देना और भारतीय कंपनियों को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाना।
  • मुकाबला: यह कदम विशेष रूप से अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बीच भारतीय निर्यातकों को मजबूती प्रदान करेगा।

आम आदमी और टैक्स: स्थिरता पर जोर
बजट में आयकर स्लैब (Income Tax Slabs) में कोई बदलाव न करना मध्यम वर्ग के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा। हालांकि, सरकार का तर्क है कि टैक्स दरों में ‘स्थिरता’ (Stability) होने से व्यापारिक वातावरण बेहतर होता है और लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

सरकार का लक्ष्य भविष्य की एक ऐसी सुनहरी तस्वीर पेश करना है जहाँ भारत केवल उपभोग करने वाला देश न रहकर, तकनीक और रचनात्मकता का निर्यातक बने।”

यह बजट ‘विकास के बुनियादी ढांचे’ का बजट है। भले ही इसमें तत्काल नगद लाभ या टैक्स छूट न दी गई हो, लेकिन डेटा सेंटर, एवीजीसी और एमएसएमई पर किया गया निवेश आने वाले दशक में लाखों युवाओं के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा करेगा। यह बजट भारत को एक आधुनिक, डिजिटल और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है।

You may also like