महाराष्ट्र

‘फ्लाइट में अजित पवार के पास ही थी…’ राज्यसभा में किस फाइल का जिक्र कर संजय राउत ने की न्यायिक जांच की मांग

संजय राउत
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संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर राजनीतिक तीरों की बौछार कर दी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के बीच उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए और इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। राउत ने दावा किया कि हादसे से ठीक पहले अजित पवार ने सिंचाई घोटाले में बीजेपी के शामिल होने वाली एक संवेदनशील फाइल का जिक्र किया था, जो उनकी मौत के समय भी उनके पास थी।

क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र के बारामती एयरस्ट्रिप के पास 28 जनवरी 2026 को अजित पवार का निजी चार्टर्ड विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार अन्य लोग भी नहीं बचे। हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट में खराब मौसम और दृश्यता की कमी को मुख्य कारण बताया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे संदिग्ध करार देते हुए साजिश की आशंका जताई है।

संजय राउत ने क्या कहा राज्यसभा में?

संजय राउत ने अपने भाषण में सरकार, बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अजित पवार एक मर्द आदमी थे। आज हमें उनकी बहुत याद आ रही है। हम आज भी सदमे में हैं कि ये कैसे हो गया।” राउत ने आगे कहा कि अजित पवार पर 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले का आरोप लगाया गया था, लेकिन जब वे बीजेपी के साथ आ गए तो “पवित्र” हो गए।

सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा तब आया जब राउत ने 15 जनवरी के अजित पवार के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिंचाई घोटाले में सिर्फ वे ही नहीं, बल्कि बीजेपी ने भी जमकर पैसा खाया है और इसकी फाइल उनके पास है। राउत ने जोर देकर कहा, “जहां तक मुझे जानकारी है, अजित पवार वो फाइल हमेशा अपने पास रखते थे। मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरते समय भी वो फाइल उनके पास ही थी।”

उन्होंने आगे कहा, “15 जनवरी को बयान आया और 10 दिन बाद अजित पवार की मौत हो गई। ये घटना देखकर मुझे जस्टिस लोया की याद आ गई।” राउत ने स्पष्ट रूप से आरोप नहीं लगाया, लेकिन इस घटना को “रहस्यपूर्ण” बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की।

सिंचाई घोटाला: पुराना विवाद फिर सुर्खियों में

गौरतलब है कि अजित पवार पर सिंचाई विभाग से जुड़े घोटाले के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि इस घोटाले में कई करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुईं। अजित पवार ने खुद इस मामले में बीजेपी को घेरते हुए कहा था कि फाइलें उनके पास हैं। संजय राउत का दावा है कि ये फाइल हादसे के समय भी अजित पवार के पास थी, जिससे सवाल उठते हैं कि क्या ये महज संयोग था या कुछ और?

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और मांगें

  • संजय राउत ने सरकार को “भ्रष्टाचारियों से घिरी” बताते हुए कहा कि विपक्ष की बात सुनने की आदत डालें।
  • उन्होंने राष्ट्रपति के “मेरी सरकार” कहने को भी संविधान की भावना के विपरीत करार दिया।
  • विपक्षी नेताओं ने भी इस हादसे पर सवाल उठाए हैं और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
  • बीजेपी पक्ष ने इसे राजनीतिकरण करने की कोशिश करार दिया है और जांच के परिणाम का इंतजार करने की अपील की है।

जांच की जरूरत क्यों?

अजित पवार जैसे बड़े नेता की अचानक मौत और उसके ठीक पहले दिए गए विवादास्पद बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। संजय राउत का राज्यसभा में ये बयान विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां वे सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब सवाल ये है कि क्या इस मामले में न्यायिक जांच होगी और क्या वो फाइल कभी सामने आएगी?

ये घटना महाराष्ट्र की राजनीति में नए सिरे से बहस छेड़ सकती है। आगे की जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।

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