फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना को लेकर जांच में लगातार अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच और पुणे पुलिस की संयुक्त जांच में ये साफ हो गया है कि ये हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि इसकी पूरी योजना कई दिन पहले ही बना ली गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले की साजिश फायरिंग से लगभग 10 दिन पहले रची गई थी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने करवाई थी रेकी
पुलिस जांच में सामने आया है कि अहमदाबाद की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से जुड़े लोगों ने रोहित शेट्टी के घर और आसपास के इलाके की पहले से रेकी करवाई थी। केवल घर ही नहीं, बल्कि पूरे जुहू इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी गई थी। हमलावर ये समझना चाहते थे कि सुरक्षा व्यवस्था कैसी है, किस समय लोगों की आवाजाही कम रहती है और फायरिंग के बाद भागने के लिए कौन सा रास्ता सबसे सुरक्षित रहेगा।
क्यों चुना रात का वक्त?
इसी वजह से हमलावरों ने रात का समय चुना। जांच में ये बात सामने आई है कि रात के वक्त ट्रैफिक कम रहता है और इलाके में हलचल भी सीमित होती है, जिससे पहचान होने और पकड़े जाने का खतरा कम हो जाता है। पुलिस का मानना है कि ये समय पूरी सोच-समझकर तय किया गया था।
5 राउंड गोली चली
रोहित शेट्टी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी कई अहम खुलासे हुए हैं। फुटेज में देखा गया कि हमलावर एक पेड़ के पीछे छिपा हुआ था और वहीं से उसने घर की तीसरी मंजिल की ओर निशाना साधा। फायरिंग के दौरान करीब 5 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे तीसरी मंजिल की खिड़की का कांच पूरी तरह टूट गया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर तुरंत मौके से फरार हो गया।
पुणे से खरीदी थी स्कूटी
जांच के दौरान ये भी सामने आया है कि फायरिंग में जिस स्कूटी का इस्तेमाल किया गया, वो पुणे से खरीदी गई थी। इस स्कूटी की कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है और इसका भुगतान शुभम लोनकर ने किया था। स्कूटी अमान आनंद मारोटे के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसे उसने करीब डेढ़ महीने पहले आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी को बेच दिया था। इसके बाद समर्थ शिवशरण पोमाजी के कहने पर सिद्धार्थ दीपक येनपुरे और स्वप्नील बंडू सकट पुणे से सड़क मार्ग के जरिए स्कूटी को लोनावला तक लेकर आए और वहां इसे शूटर को सौंपा गया।
पुलिस का कहना है कि अज्ञात शूटर ने हमले से पहले कई दिनों तक रोहित शेट्टी के घर के आसपास रहकर रेकी की थी। जांच में ये भी सामने आया है कि स्कूटी की खरीद में शुभम लोनकर ने एक अन्य आरोपी गायकवाड़ की मदद ली थी। इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका सामने आ रही है, जिसकी कड़ियां अब जोड़ी जा रही हैं।
अब तक की जांच में ये निष्कर्ष निकला है कि इस फायरिंग का मकसद सनसनी फैलाना और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में डर पैदा करना था। पुलिस को आशंका है कि इस हमले के जरिए रंगदारी वसूली का दबाव बनाने की कोशिश की गई थी।
घटना के बाद रोहित शेट्टी के घर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और इलाके में पुलिस की निगरानी भी कड़ी कर दी गई है। फिलहाल इस मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है और मुंबई क्राइम ब्रांच शूटर की पहचान के साथ-साथ पूरे गैंग नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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