महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा सदमा तब लगा जब 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट के पास एक चार्टर्ड विमान क्रैश होने से उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार का निधन हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 5 लोगों की जान चली गई, जिसमें अजित पवार (66 वर्ष), पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव शामिल थे।
ये विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह 8:10 बजे उड़ा था और बारामती जा रहा था, जहां अजित पवार आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए कई सार्वजनिक सभाओं और रैलियों को संबोधित करने वाले थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान खराब विजिबिलिटी के कारण पहली कोशिश नाकाम रही। दूसरी कोशिश में विमान रनवे से पहले ही क्रैश हो गया और भीषण आग लगने से पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हादसा सुबह करीब 8:45-8:46 बजे हुआ।
मौत से ठीक पहले आखिरी फोन कॉल और वायरल ऑडियो
हादसे से महज 8-10 मिनट पहले, सुबह लगभग 8:37 बजे अजित पवार ने विमान में बैठे हुए ही अपने भतीजे और पार्टी कार्यकर्ता श्रीजीत पवार (काटेवाड़ी निवासी) से फोन पर बात की। इस बातचीत का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसे एनसीपी ने भी सार्वजनिक किया है। ये संवाद अजित पवार की राजनीतिक सोच और अंतिम क्षणों तक उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ऑडियो में अजित पवार श्रीजीत से कहते हैं कि उन्होंने जिला बैंक के चेयरमैन पद पर दिगंबर दुर्गाडे को नियुक्त किया था, जो माली समाज से हैं और कई वर्षों से सक्रिय हैं। वे आगे कहते हैं, “हम भी सभी जाति-धर्म को साथ लेकर जाते हैं बेटा।” इस दौरान उन्होंने आगामी जिला परिषद चुनावों में हर वर्ग और समुदाय को साथ लेकर चलने पर जोर दिया। श्रीजीत पवार ने जवाब दिया कि उन्हें जो जानकारी थी, वही उन्होंने दादा को बताई।
ये आखिरी संवाद अजित पवार की उस छवि को मजबूत करता है जो वे हमेशा रखते थे – एक ऐसा नेता जो समाज के हर तबके को एकजुट करने में विश्वास रखता था। अंतिम पलों तक उनकी बातचीत में पार्टी की एकता और समावेशी राजनीति की प्रतिबद्धता साफ झलक रही थी।
हादसे की जांच जारी
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो जांच कर रहे हैं। ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में खराब मौसम, बारामती की छोटी टेबलटॉप एयरस्ट्रिप और लैंडिंग के दौरान कंट्रोल लॉस का जिक्र है। कुछ रिपोर्ट्स में विमान की उम्र (16 वर्ष पुराना Learjet 45) और अन्य तकनीकी पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के प्रमुख स्तंभ थे। बारामती उनका गढ़ था और वे यहां से कई बार विधायक चुने गए। उनका निधन न केवल एनसीपी बल्कि पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और लाखों समर्थकों में शोक की लहर है।































