महाराष्ट्र के पुणे से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई खड़की क्षेत्र में की गई, जहां दोनों अधिकारी तैनात थे।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी ठेकेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे बिल भुगतान और कार्य से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। आरोप है कि अधिकारियों ने कुल 6 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और जाल बिछाकर कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि पहली किश्त के रूप में 2 लाख रुपये लेते समय एक अधिकारी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। इसके बाद दूसरे अधिकारी को भी साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी
सीबीआई ने जिन दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, वे मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में पदस्थ थे। दोनों पर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए हिरासत में लिया गया।
छापेमारी में बरामद दस्तावेज
कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपियों के कार्यालय और आवास पर तलाशी भी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों को अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी ये भी पता लगा रही है कि इस मामले में अन्य लोग शामिल तो नहीं हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
ये कार्रवाई सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। रक्षा से जुड़े विभाग में इस तरह की घटना सामने आने से सिस्टम पर सवाल उठे हैं, लेकिन साथ ही जांच एजेंसियों की सतर्कता भी दिखी है।
मामले की विस्तृत जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और संभावित संलिप्त लोगों की जानकारी सामने आ पाएगी।
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