महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाता था। ये गिरोह सड़क पर रोककर बुजुर्गों को स्नैचिंग का डर दिखाता और उनके गहने उतरवाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 17 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए हैं।
ऐसे बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, आरोपी सार्वजनिक स्थानों और बाजार क्षेत्रों में अकेले चल रहे बुजुर्गों को टारगेट करते थे। वे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कहते थे कि इलाके में चेन स्नैचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसके बाद वे बुजुर्गों को समझाते थे कि सुरक्षा के लिए अपने गहने उतारकर कागज या पुड़िया में रख लें। इसी दौरान चालाकी से असली गहनों की जगह नकली सामान थमा देते और मौके से फरार हो जाते।
कई इलाकों में वारदात
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य संभावित साथियों की तलाश की जा रही है।
17 लाख के गहने बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 17 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद आभूषणों की पहचान कर उन्हें असली मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुलिस की सलाह
ठाणे पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं, भले ही वो खुद को पुलिसकर्मी ही क्यों न बताए।
असली पुलिस अधिकारी कभी भी सड़क पर इस तरह गहने उतरवाने की सलाह नहीं देते।
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें और कीमती सामान सुरक्षित रखें।
ठाणे में फर्जी पुलिस बनकर ठगी करने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी से कई बुजुर्गों को राहत मिली है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
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