विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में वेदांता लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इंटरनेशनल डे ऑफ वूमेन एंड गर्ल्स इन साइंस के अवसर पर कंपनी ने कहा है कि अब उसकी STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) फ्रेशर भर्तियों में 50% से अधिक नियुक्तियां महिलाओं की होंगी। ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में लैंगिक समानता को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज है।
क्यों लिया गया ये फैसला?
वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर के अनुसार, कंपनी में वर्तमान में STEM भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी 35% से अधिक है। यदि नेतृत्व और प्रबंधन स्तर को शामिल किया जाए तो ये आंकड़ा लगभग 45% तक पहुंच जाता है। कंपनी अब इस अनुपात को और बढ़ाते हुए नई भर्तियों में 50% से अधिक महिलाओं को अवसर देने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
वेदांता मुख्य रूप से मेटल और माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है, जिन्हें पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। ऐसे में ये निर्णय उद्योग में लैंगिक संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
STEM में महिलाओं की स्थिति
यूनेस्को इंस्टीट्यूट फॉर स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, भारत में STEM ग्रेजुएट्स में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 40 से 45 प्रतिशत है। हालांकि वैश्विक स्तर पर STEM वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 30 प्रतिशत से भी कम है। मेटल और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में यह अनुपात ऐतिहासिक रूप से और भी कम रहा है। ऐसे परिदृश्य में वेदांता का यह संकल्प शिक्षा और दीर्घकालिक वैज्ञानिक करियर के बीच की खाई को पाटने का प्रयास माना जा रहा है।
खदान से नेतृत्व तक महिलाओं की भूमिका
वेदांता का कहना है कि कंपनी में महिलाएं पहले से ही अहम तकनीकी और नेतृत्व भूमिकाएं निभा रही हैं। ओडिशा स्थित वेदांता एल्युमीनियम की जामखानी और घोघरापल्ली कोयला खदानों में महिला भूवैज्ञानिक अन्वेषण, भूवैज्ञानिक मॉडलिंग, खदान योजना और कोयला गुणवत्ता प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दे रही हैं। इसके अलावा वे पर्यावरणीय पहलों, वृक्षारोपण कार्यक्रमों और डिजिटल एकीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
वेदांता की केयर्न ऑयल एंड गैस इकाई में भी महिला नेतृत्व दिखाई देता है। राजस्थान नॉर्थ में जियोलॉजी और जियोफिजिक्स की प्रमुख सुलक्षणा डेटा आधारित निर्णयों के माध्यम से बाड़मेर बेसिन की प्रमुख संपत्तियों में कुओं के इष्टतम स्थान निर्धारण में योगदान दे रही हैं।
शेयर बाजार में वेदांता का प्रदर्शन
बीएसई पर वेदांता लिमिटेड के शेयर में हल्की तेजी देखी गई। पिछला बंद भाव 690.05 रुपये था, जबकि अगले कारोबारी सत्र में यह बढ़कर 695.80 रुपये पर खुला। समाचार लिखे जाने के समय शेयर लगभग 692 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
वेदांता का ये कदम न केवल कंपनी की कार्यसंस्कृति में बदलाव को दर्शाता है, बल्कि भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर में लैंगिक समानता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी देता है। STEM शिक्षा प्राप्त महिलाओं के लिए यह अवसर उद्योग में दीर्घकालिक करियर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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