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Ajit Pawar Plane Crash: ‘दुर्घटना’ या ‘साजिश’? चाचा-भतीजे की विरोधाभासी राहों ने महाराष्ट्र की राजनीति में छेड़ा नया संग्राम

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash

Ajit Pawar Plane Crash: मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से जारी उठापटक के बीच, दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। जहाँ एक तरफ पवार परिवार के मुखिया शरद पवार ने इसे एक ‘दुर्भाग्यपूर्ण हादसा’ बताया था, वहीं उनके ही पोते और विधायक रोहित पवार के बयानों ने राज्य की सियासत में ‘साजिश’ के संदेह का बारूद भर दिया है।

रोहित पवार का विस्फोटक दावा: “यह सिर्फ हादसा नहीं”
हादसे के शुरुआती दिनों में जब पूरा राज्य शोक में था, तब रोहित पवार के हालिया बयानों ने सबको चौंका दिया है। रोहित का स्पष्ट कहना है कि अजित पवार की मौत को महज एक दुर्घटना मान लेना बड़ी भूल होगी।

  • जांच पर सवाल: रोहित पवार ने हादसे के समय की परिस्थितियों और विमान की तकनीकी स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
  • गहरी जांच की मांग: उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे तथ्य और सुराग हैं जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है और इस मामले की तह तक जाना बेहद जरूरी है।
  • राजनीतिक निहितार्थ: रोहित के इस आक्रामक रुख को शरद पवार की उस अपील के विपरीत देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने चुप्पी साधने को कहा था।

मुख्यमंत्री फडणवीस का पलटवार: “एजेंसियों पर शक न करें”
विपक्ष और रोहित पवार के आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियों के मनोबल को गिरना गलत है।

भारतीय जांच एजेंसियां अपनी निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं। एक दुखद मृत्यु पर इस तरह की राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच की प्रक्रिया जारी है, और जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक कयासबाजी और संदेह पैदा करना बंद होना चाहिए।

शरद पवार की ‘शांति’ बनाम रोहित की ‘जंग’
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प पहलू पवार परिवार के भीतर का अंतर्विरोध है।

  • शरद पवार का रुख: हादसे के दिन ही शरद पवार ने बड़े बुजुर्ग की भूमिका निभाते हुए जनता से अपील की थी कि इसे ‘दुर्घटना’ माना जाए और किसी भी तरह के विवाद से बचा जाए। जानकार इसे राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश मान रहे थे।
  • रोहित पवार का रुख: रोहित पवार ने अपने दादा की लाइन से हटकर इसे एक ‘साजिश’ करार दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोहित इस मुद्दे के जरिए राज्य में सहानुभूति और जांच के नाम पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं।

जांच के अहम बिंदु और भविष्य के सवाल
विमान हादसे की जांच फिलहाल तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के पास है। लेकिन अब सवाल केवल तकनीकी खराबी का नहीं रहा, बल्कि ‘राजनीतिक मंशा’ का बन गया है:

  • क्या विमान के ब्लैक बॉक्स से कोई चौंकाने वाली जानकारी सामने आएगी?
  • क्या रोहित पवार के पास कोई ऐसे ठोस सबूत हैं जो इस हादसे की दिशा बदल सकते हैं?
  • क्या यह बयानबाजी आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है?

एक नजर में: मुख्य प्रतिक्रियाएं
यहाँ आपके दिए गए विवरण के आधार पर एक साफ-सुथरा समाचार टेबल तैयार किया गया है:

व्यक्तित्व (स्टैंड/रुख)मुख्य तर्क
रोहित पवारसाजिश का आरोप; परिस्थितियों और तकनीकी तथ्यों में विसंगतियां हैं।
शरद पवारदुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना; परिवार और समर्थकों से संयम बरतने की अपील।
देवेंद्र फडणवीसएजेंसियों का बचाव; जांच जारी है, मृत्यु पर राजनीति करना दुखद है।

यह मामला अब केवल एक परिवार या एक हादसे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता के समीकरणों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा बन गया है। अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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