Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के नवी मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पत्नी के कथित प्रेम संबंध के शक में एक पुलिस हवलदार ने अपने परिचित की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को करीब 191 किलोमीटर दूर ले जाकर खेत के एक कुएं में फेंक दिया और पहचान मिटाने के लिए उसे जलाने की कोशिश की। पुलिस ने महज 3 दिनों की जांच में इस पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
जांच में खुली साजिश
खंडाला तालुका के सुखेड गांव स्थित एक खेत के कुएं में एक व्यक्ति का जला हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सोमनाथ बोबडे के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोणंद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि हत्या कहीं और की गई थी और शव को यहां लाकर फेंका गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर पुणे में एक संदिग्ध कार की पहचान की गई। इसी कड़ी से पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची।
पुलिस हवलदार निकला मुख्य आरोपी
जांच में खुलासा हुआ कि हत्या का मुख्य आरोपी बंडू भिसे है, जो नवी मुंबई के रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में हवलदार के पद पर तैनात था। भिसे कलंबोली के रोडपाली इलाके में रहता था और मृतक सोमनाथ बोबडे उसका परिचित था।
पुलिस के अनुसार, भिसे को शक था कि सोमनाथ का उसकी पत्नी के साथ प्रेम संबंध है। इसी शक के चलते उसने हत्या की साजिश रची।
दोस्तों के साथ मिलकर की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि 5 फरवरी को बंडू भिसे ने अपने दोस्तों विजय पवार, किरण गायकवाड़ और श्रीनिवास लोणे को बुलाया। सोमनाथ को मिलने के बहाने बुलाया गया और चारों ने मिलकर उसका मुंह दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को कार की अगली सीट पर रखा गया। इसके बाद भिसे खुद करीब 191 किलोमीटर का सफर तय कर सुखेड गांव पहुंचा और खेत के कुएं में शव को फेंक दिया। पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने की भी कोशिश की गई।
गिरफ्तारी के बाद भी जुर्म से इनकार
लोणंद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मुख्य आरोपी बंडू भिसे ने गिरफ्तारी के बाद भी अपना अपराध स्वीकार नहीं किया।
पुलिस ने उसके साथियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ी और हत्या की साजिश का खुलासा किया। सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कानून के रक्षक पर गंभीर आरोप
इस मामले ने पुलिस विभाग को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है, क्योंकि आरोपी स्वयं पुलिस बल का सदस्य है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस ये भी जांच कर रही है कि साजिश की योजना कब और कैसे बनाई गई।
ये घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि ये भी दर्शाती है कि व्यक्तिगत शक और अविश्वास किस तरह एक भयावह परिणाम तक पहुंच सकता है।
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