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संसद में ‘भारत-अमेरिका ट्रेड डील’ पर संग्राम: राहुल बोले- “सरकार ने देश को बेचा”, निर्मला का पलटवार- “UPA ने गिरवी रखे थे गरीबों के हित”

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संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा और तीखी बहस देखने को मिली, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार पर ‘देश बेचने’ का गंभीर आरोप लगाया। राहुल गांधी के प्रहारों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे कांग्रेस की पुरानी राजनीति बताते हुए उन पर पलटवार किया।

राहुल गांधी का आरोप: “पीएम की गर्दन पर अमेरिका की पकड़”
बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सरकार की विदेशी व्यापार नीति को ‘सरेंडर’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निजी हितों और एक विशेष उद्यमी को बचाने के लिए देश के भविष्य के साथ समझौता किया है। राहुल गांधी के भाषण के मुख्य अंश:

  • मजबूरी की डील: राहुल ने कहा, “कोई भी प्रधानमंत्री ऐसे समझौते पर तब तक राजी नहीं होगा, जब तक उन पर दबाव न हो। अमेरिका ने पीएम की गर्दन पकड़ी हुई है, इसलिए उन्होंने डेढ़ अरब भारतीयों का भविष्य सरेंडर कर दिया।”
  • वित्तीय संरचना को बचाने का खेल: राहुल ने इशारों-इशारों में एक बड़े उद्यमी पर अमेरिका में चल रहे कानूनी केस का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की वित्तीय संरचना को बचाने के लिए यह डील की गई है।
  • बराबरी का व्यवहार: राहुल ने जोर देकर कहा कि अगर ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार होती, तो वे राष्ट्रपति ट्रम्प से स्पष्ट कहते कि भारत के साथ बराबरी का व्यवहार करें और उसे पाकिस्तान के समकक्ष न रखें।

वित्त मंत्री का पलटवार: “यूपीए ने बेचा था देश”
राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के इतिहास को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कभी भी देश के हितों से समझौता नहीं कर सकते। वित्त मंत्री के जवाब के प्रमुख बिंदु:

  • यूपीए का इतिहास: निर्मला सीतारमण ने कहा, “कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने डब्ल्यूटीओ (WTO) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गरीबों और किसानों के हितों को बेचा था। जिन्होंने देश, किसान और गरीबों को बेचा, वे आज हमें उपदेश दे रहे हैं।”
  • शर्म अल-शेख का जिक्र: वित्त मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग शर्म अल-शेख में पाकिस्तान के साथ झुककर बातचीत करना चाहते थे, वे आज हमें कूटनीति पर सुझाव दे रहे हैं।

रिजिजू की चेतावनी: विशेषाधिकार हनन का नोटिस
बहस के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के प्रधानमंत्री पर इस तरह के व्यक्तिगत और देश विरोधी आरोप लगाना संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। रिजिजू ने राहुल गांधी को विशेषाधिकार हनन नोटिस (Privilege Notice) देने की चेतावनी भी दी।

डेटा और सुरक्षा पर चिंता
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश के डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा प्रणाली की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील के माध्यम से भारत की संप्रभुता और देश के लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालना अस्वीकार्य है।

बहस के मुख्य बिंदु

पक्षप्रमुख आरोप / तर्क
राहुल गांधी (विपक्ष)सरकार ने दबाव में सरेंडर किया; निजी उद्यमी को बचाने के लिए डील हुई; भारत को अमेरिका ने जकड़ रखा है।
निर्मला सीतारमण (सत्ता पक्ष)कांग्रेस ने हमेशा गरीबों के हित बेचे; पीएम मोदी देश को कभी नहीं झुकने देंगे; विपक्ष का इतिहास कमजोर कूटनीति का रहा है।
किरेन रिजिजूराहुल गांधी के आरोप निराधार हैं; उन पर विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई हो सकती है।

यह बहस दर्शाती है कि आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक ध्रुवीकरण और भी तेज होने वाला है।

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