महाराष्ट्र के धार्मिक और सांस्कृतिक शहर कोल्हापुर में 14 से 16 फरवरी तक एक अनूठे आयोजन ‘मंदिर क्रिकेट लीग’ का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय टूर्नामेंट में राज्य के कई प्रसिद्ध मंदिरों के पुजारी, अधिकारी और कर्मचारी क्रिकेट मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। ये आयोजन खेल और आध्यात्म का अनोखा संगम माना जा रहा है।
किन-किन मंदिरों की टीमें लेंगी भाग
मिली जानकारी के अनुसार, इस लीग में महाराष्ट्र के प्रमुख तीर्थस्थलों से जुड़े मंदिरों की टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें प्रमुख रूप से अंबाबाई मंदिर, शिरडी साईंबाबा मंदिर, तुलजापुर भवानी मंदिर, श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर, माहुरगढ़ मंदिर, नरसिंह वाडी मंदिर और ज्योतिबा मंदिर के पुजारी शामिल होंगे।
इस वर्ष पहली बार श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर समिति की टीम भी प्रतियोगिता में भाग ले रही है, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।
पारंपरिक वेशभूषा में दिखेगा क्रिकेट का रोमांच
मंदिर समितियों से जुड़े पुजारी और अधिकारी पारंपरिक परिधान धोती और नेहरी में मैदान में उतरेंगे। श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर समिति के सह-अध्यक्ष गहिनीनाथ महाराज औसेकर भी इस लीग में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे।
प्रतियोगिता को लेकर पुजारियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। वे पिछले कई दिनों से नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। मंदिरों के पुजारी, अधिकारी और कर्मचारी एक साथ मैदान में उतरकर टीम भावना के साथ तैयारी कर रहे हैं।
तीन दिन चलेगा टूर्नामेंट
‘मंदिर क्रिकेट लीग’ 14, 15 और 16 फरवरी को आयोजित की जाएगी। ये प्रतियोगिता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित मंदिरों से जुड़े प्रतिनिधि एक साथ खेलते नजर आएंगे। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, कोल्हापुर में होने वाली ये मंदिर क्रिकेट लीग न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि ये धार्मिक संस्थानों के बीच आपसी सहयोग, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी बनकर उभर रही है।
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