मीरा-भायंदर: मुंबई से सटे मीरा-भायंदर शहर के लाखों यात्रियों का इंतजार अब खत्म होने को है। दहिसर से भायंदर के बीच बनने वाले मेट्रो कॉरिडोर-9 के पहले चरण का परिचालन इसी महीने शुरू होने की पूरी संभावना है। सुरक्षा जांच में खरी उतरने के बाद इस लाइन को सेफ्टी सर्टिफिकेट (CMRS) भी मिल चुका है, जो कमर्शियल रन शुरू करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
पहले चरण में दहिसर से काशीगांव तक का सफर
एमएमआरडीए (MMRDA) के जनसंपर्क अधिकारी और अभियंता सचिन कोठावले के अनुसार, मेट्रो-9 के पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- रूट: यह कॉरिडोर दहिसर से शुरू होकर काशीगांव (प्लेजेंट पार्क जंक्शन) तक जाएगा।
- तैयारी: सिविल वर्क, इलेक्ट्रिकल फिटिंग और स्टेशनों का इंटीरियर डिजाइन पूरी तरह तैयार है।
- स्टाफ: फिलहाल स्टेशनों पर सुरक्षा और परिचालन स्टाफ की तैनाती (Deployment) का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।

28 फरवरी को ‘डबल धमाका’ की तैयारी
मीरा-भायंदर मनपा का स्थापना दिवस 28 फरवरी को है। स्थानीय भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और उप-महापौर ध्रुवकिशोर पाटील इस दिन को ऐतिहासिक बनाने की योजना बना रहे हैं।
हमारी इच्छा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्थापना दिवस के भव्य कार्यक्रम में शामिल हों। यदि उनका समय मिल जाता है, तो इसी दिन मेट्रो का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
| चरण | मार्ग / स्टेशन | अपेक्षित समय | स्थिति / टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | दहिसर → काशीगांव (प्लेजेंट पार्क) | फरवरी 2026 | निर्माण प्रगति में, इसी महीने चालू होने की संभावना; दहिसर चेक नाका पर ट्रैफिक जाम में राहत |
| 2 | काशीगांव → मैक्सिस मॉल | दिसंबर 2026 | उप-महापौर पाटील ने लक्ष्य दिसंबर 2026 बताया; निर्माण जारी |
| 3 | नेताजी सुभाषचंद्र बोस मैदान | TBD (बाद में) | डिजाइन बदलाव के कारण देरी, अंतिम स्टेशन तक मेट्रो पहुँचने में अतिरिक्त समय |
विकास की राह में चुनौतियां और संभावित समाधान:
| चुनौती | संभावित समाधान |
|---|---|
| तीसरे चरण में डिजाइन बदलाव | नई डिजाइन योजना की त्वरित अनुमोदन, प्रबंधन समीक्षा तेज करना |
| निर्माण सामग्री या श्रमिकों की कमी | सप्लाई चैन मजबूत करना, अतिरिक्त श्रमिकों की नियुक्ति |
| वित्तीय बजट सीमाएं | सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल अपनाना |
| पर्यावरण और नागरिक विरोध | जन-संपर्क अभियान और पर्यावरणीय अनुमोदन तेज करना |
विकास की राह में चुनौतियां और समाधान
उप-महापौर पाटील ने स्पष्ट किया कि दूसरे चरण का लक्ष्य दिसंबर 2026 रखा गया है। हालांकि, आखिरी स्टेशन (नेताजी सुभाषचंद्र बोस मैदान) के डिजाइन में बदलाव के कारण वहां तक मेट्रो पहुँचने में थोड़ा अतिरिक्त समय लगेगा। लेकिन पहले चरण के शुरू होने से ही दहिसर चेक नाका पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- समय की बचत: सड़क मार्ग से दहिसर से मीरा रोड जाने में लगने वाला 30-40 मिनट का समय घटकर मात्र 10-12 मिनट रह जाएगा।
- आरामदायक सफर: मुंबई की गर्मी और धूल से दूर वातानुकूलित (AC) कोच में सफर का आनंद।
- कनेक्टिविटी: यह लाइन मुंबई की अन्य मेट्रो लाइनों (मेट्रो 7 और 2A) से जुड़ेगी, जिससे बोरीवली और अंधेरी तक का सफर आसान होगा।
मीरा-भायंदर की लाइफलाइन बदलने वाली है। शनिवार को मुख्यमंत्री के मीरा रोड दौरे के बाद उद्घाटन की आधिकारिक तारीख पर मुहर लग सकती है। अब बस कुछ ही दिनों की बात है, जब भायंदर की सड़कों पर ट्रैफिक के शोर के बीच मेट्रो की सुरीली आवाज सुनाई देगी।




























