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‘हर दिन खुलकर जीना चाहिए’: कैंसर सर्वाइवर Hina Khan ने साझा किया जिंदगी को देखने का सकारात्मक नजरिया

Hina Khan
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टीवी इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस और कैंसर सर्वाइवर हिना खान (Hina Khan) ने हाल ही में सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल द्वारा आयोजित ऑन्कोलॉजी लीडरशिप टाउनहॉल ‘इलुमिनेट 3.0’ में हिस्सा लिया। इस खास कार्यक्रम में हिना ने कैंसर जैसे गंभीर विषय पर खुलकर बात की और अपनी निजी जर्नी साझा करते हुए लोगों को जागरूक और प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान हिना खान (Hina Khan) ने न सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि मंच से एक मजबूत और सकारात्मक संदेश भी दिया – कैंसर का मतलब जिंदगी का अंत नहीं है। उन्होंने लोगों से समय पर जांच और स्क्रीनिंग कराने की अपील की और कहा कि आधुनिक मेडिकल साइंस में काफी प्रगति हो चुकी है, जिससे इस बीमारी का इलाज संभव है, बशर्ते समय पर पहचान हो जाए।

कैंसर का मतलब हार नहीं

हिना खान (Hina Khan) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैंसर को मौत का पर्याय मानना गलत है। उन्होंने बताया कि सही समय पर जांच और उचित इलाज से इस बीमारी का मुकाबला किया जा सकता है। उनका मानना है कि जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि लोग अक्सर डर के कारण जांच कराने से बचते हैं, जबकि शुरुआती स्टेज में बीमारी पकड़ में आ जाए तो इलाज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

परिवार और पति रॉकी का मिला पूरा साथ

अपने संबोधन के दौरान हिना ने अपने पति रॉकी और परिवार का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे यहां आने का अवसर मिला। डॉक्टरों की मेहनत और मेरे परिवार के प्यार की वजह से ही मैं आज यहां खड़ी हूं। मेरे पति रॉकी हर कदम पर मेरे साथ रहे हैं। शादी के बाद भी हमारे रिश्ते में कोई बदलाव नहीं आया। वो आज भी पहले की तरह मेरी देखभाल करते हैं।”

हिना की ये भावुक बातें सुनकर कार्यक्रम में मौजूद कई लोग भावुक हो गए। उन्होंने ये भी कहा कि मुश्किल समय में परिवार का साथ व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है।

आज में जीने का संदेश

अपनी कैंसर जर्नी के अनुभव साझा करते हुए हिना ने कहा कि वो लंबे समय से इस दौर से गुजर रही हैं और अभी भी रिकवरी की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने ये भी कहा कि हर व्यक्ति की बॉडी अलग होती है, इसलिए किसी एक व्यक्ति का अनुभव दूसरे पर पूरी तरह लागू नहीं हो सकता।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि जीवन को आज में जीना चाहिए और हर परिस्थिति में खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए। उनका कहना है कि जिंदगी कब कौन-सा मोड़ ले ले, ये कोई नहीं जानता। जो लोग आज पूरी तरह स्वस्थ हैं, वे भी अचानक किसी बड़ी बीमारी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए हर पल को पूरी शिद्दत के साथ जीना जरूरी है।

सपनों को नहीं रोका

हिना खान (Hina Khan) ने बताया कि उन्होंने बीमारी के बावजूद अपने सपनों को थमने नहीं दिया। उन्होंने अपने डॉक्टर से साफ कहा कि उन्हें आइसलैंड जाना है, बर्फ के पानी में बाथ लेना है और दुनिया की अलग-अलग जगहों पर घूमना है।

उन्होंने कहा, “मैं वही कर रही हूं जो मेरा दिल चाहता है। आज जो खाने का मन करता है, वही खाती हूं और जहां जाने का मन होता है, वहां चली जाती हूं। मैंने कभी खुद को मरीज की तरह महसूस नहीं किया और मेरे डॉक्टर ने भी मुझे ऐसा महसूस नहीं होने दिया।”

सकारात्मक सोच ही असली ताकत

कार्यक्रम के अंत में हिना खान ने यही संदेश दिया कि बीमारी चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सकारात्मक सोच और अपनों का साथ उसे हराने में अहम भूमिका निभाता है।

हिना की कहानी न केवल कैंसर से जूझ रहे लोगों के लिए प्रेरणा है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक सीख है जो जिंदगी को टालते हुए जीता है। उनका संदेश साफ है – हर दिन को खुलकर जियो, क्योंकि जिंदगी अनमोल है।

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