पूंजी बाजार नियामक सेबी ने ड्यूरोफ्लेक्स, हेक्सागन न्यूट्रिशन समेत कुल पांच कंपनियों के पब्लिक इश्यू को मंजूरी दे दी है। 13 फरवरी को सेबी (SEBI) ने इन कंपनियों के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर अपनी ‘ऑब्जर्वेशन’ जारी की। इसके बाद अब ये कंपनियां आने वाले महीनों में अपना आईपीओ बाजार में ला सकेंगी।
जिन कंपनियों को हरी झंडी मिली है, उनमें प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन, विरूपाक्ष ऑर्गेनिक्स, हेक्सागन न्यूट्रिशन, ओम पावर ट्रांसमिशन और स्लीप सॉल्यूशंस ब्रांड ड्यूरोफ्लेक्स शामिल हैं। ये कंपनियां फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से पूंजी जुटाने की योजना बना रही हैं।
1. ड्यूरोफ्लेक्स: कर्ज चुकाने और विस्तार पर फोकस
ड्यूरोफ्लेक्स 183.6 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक 2.25 करोड़ शेयर OFS के जरिए बेचेंगे। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी कर्ज चुकाने और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में कर सकती है।
करीब 50 वर्षों से संचालित ड्यूरोफ्लेक्स मैट्रेस, फोम, बेड और पिलो जैसे उत्पाद बनाती है। ऑर्थोपेडिक गद्दों के लिए यह ब्रांड विशेष रूप से जाना जाता है।
2. विरूपाक्ष ऑर्गेनिक्स: 740 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू
विरूपाक्ष ऑर्गेनिक्स का आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा। कंपनी 740 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इससे प्राप्त धनराशि का उपयोग वर्किंग कैपिटल जरूरतों और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
ये एक रिसर्च आधारित फार्मास्युटिकल कंपनी है, जो एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) और इंटरमीडिएट्स का निर्माण करती है। इनका उपयोग दवाइयों के उत्पादन में होता है।
3. प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन: वेल्डिंग सेक्टर की कंपनी
प्रीमियर इंडस्ट्रियल 2.25 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जबकि 54 लाख शेयर OFS के जरिए बेचे जाएंगे। ये कंपनी वेल्डिंग इंडस्ट्री के लिए कच्चा माल जैसे फेरो अलॉय पाउडर, मेटल पाउडर और विभिन्न प्रकार के वायर बनाती है।
4. ओम पावर ट्रांसमिशन: इंजीनियरिंग और कॉन्ट्रैक्टिंग क्षेत्र
ओम पावर ट्रांसमिशन 90 लाख नए शेयर जारी करेगी और 10 लाख शेयर प्रमोटर्स द्वारा OFS के तहत बेचे जाएंगे। ये कंपनी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कॉन्ट्रैक्टिंग सेवाएं प्रदान करती है। पावर ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों के निर्माण व रखरखाव में इसकी विशेषज्ञता है।
5. हेक्सागन न्यूट्रिशन: केवल OFS के जरिए आईपीओ
हेक्सागन न्यूट्रिशन का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। कंपनी के मौजूदा शेयरधारक 3.08 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। इस प्रक्रिया में कंपनी को कोई नया फंड प्राप्त नहीं होगा। बिक्री से प्राप्त राशि शेयर बेचने वाले निवेशकों को जाएगी।
ये कंपनी बच्चों के लिए हेल्थ ड्रिंक्स और क्लिनिकल न्यूट्रिशन उत्पाद बनाती है। साथ ही ये अन्य बड़ी कंपनियों को न्यूट्रिशनल प्रीमिक्स की आपूर्ति भी करती है।
सेबी की मंजूरी का महत्व
जब कोई कंपनी शेयर बाजार से पूंजी जुटाना चाहती है, तो उसे सेबी के पास DRHP दाखिल करना होता है। सेबी ये जांच करता है कि निवेशकों को दी गई जानकारी सही और पारदर्शी है या नहीं। सेबी की ‘ऑब्जर्वेशन’ मिलने का अर्थ है कि नियामक को ड्राफ्ट दस्तावेज में कोई प्रमुख आपत्ति नहीं है। इसके बाद कंपनियां आईपीओ की तिथि और प्राइस बैंड तय कर सकती हैं।
फ्रेश इश्यू और OFS में अंतर
फ्रेश इश्यू: इसमें कंपनी नए शेयर जारी करती है। आईपीओ से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के पास जाती है और इसका उपयोग विस्तार, कर्ज चुकाने या अन्य व्यावसायिक जरूरतों में किया जाता है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बेचते हैं। इससे मिलने वाली राशि कंपनी के पास नहीं जाती, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को प्राप्त होती है।
इन पांच कंपनियों के आईपीओ को मिली मंजूरी से आने वाले महीनों में बाजार में नई पेशकशें देखने को मिल सकती हैं, जिससे निवेशकों को विभिन्न सेक्टरों में निवेश के नए अवसर मिलेंगे।
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