महाराष्ट्र: महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने रविवार आधी रात को राज्य के दो प्रमुख जिलों— यवतमाल और अहिल्यानगर में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकवाद के संभावित जाल को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किए गए इस गुप्त मिशन में एटीएस ने 21 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की और दर्जन भर से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
आधी रात को शुरू हुआ ‘एक्शन’
ऑपरेशन की शुरुआत रविवार की खामोश रात में हुई, जब एटीएस की 20 विशेष टीमों ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड़ में धावा बोला। पुसद में 11 और उमरखेड़ में 3 स्थानों पर सघन तलाशी ली गई। स्थानीय पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच संदिग्धों के आवासों और कार्यालयों को घेर लिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
युवाओं को ‘कट्टरपंथी’ बनाने की थी साजिश
एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी के अनुसार, यह छापेमारी उन इनपुट्स के आधार पर की गई थी जिनमें राज्य के युवाओं को गुमराह कर कट्टरपंथी (Radicalize) बनाए जाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। एटीएस को संदेह है कि कुछ समूह गोपनीय तरीके से युवाओं को आतंकी गतिविधियों की ओर धकेलने की साजिश रच रहे थे। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से फिलहाल गोपनीय स्थानों पर गहन पूछताछ की जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का जखीरा बरामद
लगभग 20 घंटों से लगातार चल रहे इस सर्च ऑपरेशन में एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। छापेमारी के दौरान टीमों ने निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:
- भारी मात्रा में मोबाइल फोन और लैपटॉप।
- संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और स्टोरेज डिवाइसेस।
- कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज।
- संवेदनशील दस्तावेज, जिनका इस्तेमाल नेटवर्क के विस्तार के लिए किया जा रहा था।
अहिल्यानगर में भी एक्शन
यवतमाल के साथ-साथ अहिल्यानगर जिले में भी एटीएस की सक्रियता देखी गई। यहाँ 7 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। एटीएस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां राज्य में शांति भंग करने वाली किसी भी छोटी से छोटी सुगबुगाहट पर पैनी नजर रख रही हैं।





























