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AI Impact Summit 2026 का असर: NCR में होटल किराए 3 गुना तक बढ़े, कुछ लग्जरी सुइट ₹6 लाख पार

AI Impact Summit
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AI Impact Summit 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित हो रहे ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का प्रभाव अब पूरे एनसीआर के होटल उद्योग पर साफ दिखाई दे रहा है। वैश्विक स्तर के इस कार्यक्रम में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद में होटल किरायों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

इस मेगा इवेंट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ा दी है। बढ़ती मांग के कारण 18 फरवरी के लिए कई होटलों ने अपने रेट 50% से लेकर 300% तक बढ़ा दिए हैं।

गुरुग्राम: लग्जरी सुइट्स ₹6 लाख के पार

साइबर सिटी गुरुग्राम में सबसे अधिक असर प्रीमियम और फाइव स्टार होटलों पर पड़ा है।

  • ‘द लीला एम्बिएंस’ का पैनोरमिक सुइट 18 फरवरी के लिए लगभग ₹6.15 लाख (टैक्स सहित) में उपलब्ध है, जबकि मार्च के पहले सप्ताह में यही सुइट करीब ₹1.9 लाख में मिल रहा है।

  • ‘द वेस्टिन गुड़गांव’ में रॉयल सुइट का किराया करीब ₹2.10 लाख पहुंच गया है, जो सामान्य दिनों में लगभग ₹90,000 रहता है।

  • ‘ली मेरिडियन’ में किंग बेड रूम का किराया ₹25,000 से बढ़कर ₹47,200 तक पहुंच गया है।

स्पष्ट है कि दिल्ली में कमरों की सीमित उपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में मेहमान गुरुग्राम की ओर रुख कर रहे हैं।

मिड-स्केल होटलों में भी दोगुनी कीमत

सिर्फ लक्जरी होटलों ही नहीं, बल्कि मध्यम श्रेणी के बिजनेस होटलों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है।

  • सेक्टर 29 स्थित ‘लेमन ट्री प्रीमियर’ में डीलक्स रूम का किराया ₹13,375 से बढ़कर ₹26,563 हो गया है।

  • सोहना रोड के ‘रेडिसन होटल’ में कमरा अब ₹12,951 की जगह ₹22,416 में मिल रहा है।

जानकारों का कहना है कि जब राजधानी के प्रमुख होटल फुल हो जाते हैं, तो आसपास के शहरों में मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे दरें तेजी से ऊपर जाती हैं।

नोएडा: प्रतिशत वृद्धि सबसे ज्यादा

किराए में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि नोएडा में दर्ज की गई है।

  • ‘सावॉय सुइट्स’ में ट्विन बेड सुइट का किराया 18 फरवरी के लिए ₹89,208 तक पहुंच गया है, जबकि मार्च में यही कमरा करीब ₹13,989 में उपलब्ध है।

  • सेक्टर 62 के ‘ब्लूम होटल’ में किराया ₹6,000 से बढ़कर ₹15,000 से अधिक हो गया है।

  • ‘सैंडल सुइट्स’ में भी कमरे के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं।

यहां कीमतों में छह गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो डिमांड के असामान्य दबाव को दर्शाती है।

फरीदाबाद और सूरजकुंड में भी उछाल

दिल्ली से सटे फरीदाबाद में भी होटल बुकिंग तेज हो गई है।

  • ‘रेडिसन ब्लू फरीदाबाद’ में सुपीरियर रूम का किराया ₹15,611 से बढ़कर ₹25,090 हो गया है।

  • ‘ताज सूरजकुंड’ में भी दरों में हल्की बढ़त देखी गई है और किराया लगभग ₹18,800 के आसपास बना हुआ है।

टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल की चेयरपर्सन ज्योति मयाल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स की बढ़ती संख्या के कारण ऑक्यूपेंसी लेवल पीक पर पहुंच गया है।

ऊंचे किरायों पर विवाद

इससे पहले ये खबर भी सामने आई थी कि कुछ होटलों में किराया ₹30 लाख तक पहुंच गया। इस पर इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी ऊंची दरें भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने होटल उद्योग के लिए एक आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) बनाने की आवश्यकता बताई।

डिमांड-सप्लाई गैप बड़ी वजह

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में होटल कमरों की संख्या अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में कम है। मांग अधिक और सप्लाई सीमित होने से ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान दरें अचानक बढ़ जाती हैं। उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि नए होटल प्रोजेक्ट्स और मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

AI इम्पैक्ट समिट 2026 जैसे वैश्विक आयोजन भारत की तकनीकी प्रतिष्ठा को मजबूत करते हैं, लेकिन इसके साथ होटल उद्योग में मांग का दबाव भी बढ़ जाता है। फिलहाल एनसीआर में होटल किराए अपने चरम पर हैं और 20 फरवरी तक दरों में नरमी की संभावना कम नजर आ रही है। ये स्थिति दर्शाती है कि भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार समय की मांग बन चुका है।

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