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Chandra Grahan 2026 In India: होली पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें सूतक काल और ग्रहण का समय

Chandra Grahan 2026 In India
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Chandra Grahan 2026 In India: साल 2026 में होली का पर्व एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के साथ मनाया जाएगा। 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के बीच सूतक काल, पूजा-पाठ और होली के अनुष्ठानों को लेकर जिज्ञासा बढ़ गई है। चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस स्थिति में चंद्रमा आंशिक या पूर्ण रूप से ढका हुआ दिखाई देता है।

खगोलीय गणनाओं के अनुसार 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में रात के समय दिखाई देगा। अलग-अलग शहरों में इसके आरंभ और समाप्ति के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, लेकिन ये स्पष्ट है कि ग्रहण देर रात तक प्रभावी रहेगा। ग्रहण का मध्य काल लगभग आधी रात के आसपास माना जा रहा है, जबकि इसका समापन तड़के सुबह से पहले होने की संभावना है। सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग देखना आवश्यक होगा।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। यदि ग्रहण रात में लगता है तो सूतक उसी दिन दोपहर या शाम से प्रभावी हो सकता है। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ तथा अन्य शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है। इस अवधि में भोजन पकाने और खाने से बचने की परंपरा है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस दौरान भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और ध्यान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

चूंकि ये ग्रहण होली के आसपास पड़ रहा है, इसलिए लोगों के मन में ये प्रश्न भी है कि क्या होलिका दहन या रंग खेलने पर इसका कोई प्रभाव पड़ेगा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार यदि ग्रहण का समय किसी शुभ मुहूर्त से टकराता है तो पंचांग के आधार पर मुहूर्त में परिवर्तन किया जा सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार निर्णय लिया जाता है।

धार्मिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण को आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष समय माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए मंत्र जाप, ध्यान और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करना और जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है। कई लोग घरों में गंगाजल का छिड़काव भी करते हैं।

इस प्रकार 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण खगोलीय घटना होने के साथ-साथ धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहेगा। होली जैसे प्रमुख पर्व के साथ इसका संयोग इसे और विशेष बना देता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे प्रमाणिक पंचांग के अनुसार ग्रहण का समय जानकर ही अपने धार्मिक कार्यों की योजना बनाएं और परंपराओं का पालन करें।

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