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AI का नया ‘विश्वगुरु’: पैक्स सिलिका में भारत की एंट्री और $270 अरब का ‘डिजिटल धमाका’

Pax Silica
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AI का नया ‘विश्वगुरु’: ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया जब भारत, अमेरिका के नेतृत्व वाले विशिष्ट ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) ग्रुप में 10वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ। यह केवल एक समझौता नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक, ट्रेड और ग्लोबल सिक्योरिटी के समीकरणों को बदलने वाला एक ‘गेमचेंजर’ कदम है।

चीन का विकल्प और आत्मनिर्भरता की राह
‘पैक्स सिलिका’ में भारत की भागीदारी का सबसे बड़ा असर सप्लाई चेन और क्रिटिकल रेअर अर्थ मिनरल्स पर पड़ेगा।

  • ड्रैगन पर लगाम: सेमीकंडक्टर और हाई-टेक चिप्स के लिए जरूरी कच्चे माल पर चीन के एकाधिकार को यह समूह कड़ी चुनौती देगा।
  • रणनीतिक बढ़त: भारत अब उन दुर्लभ खनिजों तक सीधी पहुंच बनाएगा जो एआई और डिफेंस हार्डवेयर के लिए अनिवार्य हैं।

निवेश का महाकुंभ: ₹24.5 लाख करोड़ की प्रतिबद्धता
इस 5 दिवसीय समिट ने निवेश के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। कुल $270 अरब (करीब 24.5 लाख करोड़ रुपये) के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:

क्षेत्रनिवेश की राशि / भागीदारीउद्देश्य
इंफ्रास्ट्रक्चर$250 अरबएआई और सेमीकंडक्टर हब का निर्माण
स्टार्टअप इकोसिस्टम$20 अरबडीप-टेक और वेंचर कैपिटल के जरिए नवाचार को बढ़ावा
जनभागीदारी5 लाख+ लोग (5 दिनों में)रिकॉर्ड उपस्थिति, व्यापक सहभागिता और सहयोग

डिजिटल कूटनीति
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बीच हुए इस समझौते ने भारत-अमेरिका के रिश्तों में ‘टेक-ट्रस्ट’ की एक नई परत जोड़ दी है। शनिवार को जारी होने वाले साझा घोषणा पत्र पर 60 देशों की सहमति मिल चुकी है, और उम्मीद है कि कुल 80 देश इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

भविष्य की सुरक्षा और डीप-टेक का उदय
भारत के इस ग्रुप में शामिल होने से केवल आर्थिक लाभ ही नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा (Security) के मोर्चे पर भी भारत मजबूत होगा। डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए आवंटित $20 अरब भारत के युवाओं को ग्लोबल एआई लीडर बनाने में मदद करेंगे।

विशेष टिप्पणी: पैक्स सिलिका ग्रुप का 10वां सदस्य बनना इस बात का प्रमाण है कि दुनिया अब भारत के बिना अपनी ‘डिजिटल नियति’ (Digital Destiny) नहीं लिख सकती।

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