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Digital Extortion: स्वीडन से आयुष और अमेरिका से रणवीर को धमकी, बॉलीवुड पर मंडराया ‘बिश्नोई’ साया

Digital Extortion
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Digital Extortion: मायानगरी मुंबई एक बार फिर विदेशी नंबरों और एन्क्रिप्टेड ईमेल के जाल में फंसती नजर आ रही है। इस बार निशाने पर अभिनेता रणवीर सिंह और आयुष शर्मा हैं। करोड़ों रुपये की रंगदारी और जान से मारने की धमकियों ने मुंबई क्राइम ब्रांच की नींद उड़ा दी है, जिसके तार अब सात समंदर पार स्वीडन और अमेरिका से जुड़ रहे हैं।

आयुष शर्मा: स्वीडन के ‘प्रोटॉन मेल’ का रहस्य
अभिनेता आयुष शर्मा को मिला धमकी भरा ईमेल तकनीकी जांच में बेहद पेचीदा पाया गया है।

  • एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म: हमलावरों ने प्रोटॉन मेल (ProtonMail) का उपयोग किया, जिसे ट्रैक करना कठिन होता है।
  • स्वीडन कनेक्शन: शुरुआती जांच में इस ईमेल का ओरिजिन स्वीडन पाया गया है। मुंबई पुलिस अब स्वीडिश एजेंसियों के संपर्क में है ताकि भेजने वाले की पहचान उजागर की जा सके।

रणवीर सिंह: 10 करोड़ की मांग और ‘हैरी बॉक्सर’ का वॉइस नोट
रणवीर सिंह के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को ज्यादा सतर्क कर दिया है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है।

  • वॉइस नोट: रणवीर के मैनेजर को एक अमेरिकी नंबर से व्हाट्सएप पर वॉइस नोट मिला, जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई।
  • पहचान: प्राथमिक जांच में दावा किया गया है कि यह आवाज लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य हैरी बॉक्सर की है।

अमेरिका: भारतीय अपराधियों का नया ‘सेफ हेवन’?
जांच एजेंसियां हैरान हैं कि आखिर क्यों अपराधी भारत में तबाही मचाने के लिए अमेरिकी धरती का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके पीछे के प्रमुख चेहरे और कारण इस प्रकार हैं:

अपराधी / चेहराभूमिका / गैंग / संगठनस्थान / गतिविधि विवरण
हैरी बॉक्सरबिश्नोई गैंग का सदस्यअमेरिका से बॉलीवुड को धमकियां दे रहा है
अनमोल बिश्नोईलॉरेंस का भाई, गैंग संचालकअमेरिका में गिरफ्तारी के बाद भी गैंग संचालन का आरोप
रोहित गोदारागोल्डी बरार गैंग का गुर्गाअमेरिका से व्यापारियों को धमकाने में वांछित
गुरपतवंत पन्नू‘सिख फॉर जस्टिस’ का मुखियाअमेरिका से भारत विरोधी संदेश जारी करता

अपराधी अमेरिका को क्यों चुनते हैं?

  • ट्रैकिंग में मुश्किल: विदेशी सर्वर और वर्चुअल नंबरों को ट्रेस करना भारतीय एजेंसियों के लिए एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है।
  • कड़े साइबर कानून: अमेरिका के निजता (Privacy) कानूनों का अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए फायदा उठाते हैं।
  • तकनीकी ढाल: एन्क्रिप्टेड ऐप्स और प्रॉक्सी सर्वर के जरिए लोकेशन बदलना आसान होता है।

क्राइम ब्रांच की ‘इंटरनेशनल’ घेराबंदी
मुंबई क्राइम ब्रांच ने अभी तक इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की है, लेकिन प्राथमिक जांच (PE) के तहत तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

  • मैनेजर्स के बयान: दोनों अभिनेताओं के प्रबंधकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
  •  ग्लोबल कोऑपरेशन: ‘म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी’ (MLAT) के तहत अमेरिका और स्वीडन की संबंधित एजेंसियों से डिजिटल इनपुट मांगे गए हैं।

यह केवल रंगदारी का मामला नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय साइबर कानूनों को दी गई चुनौती है। जब तक विदेशी धरती पर बैठे इन आकाओं पर शिकंजा नहीं कसता, बॉलीवुड के गलियारों में खौफ की यह परछाई बनी रहेगी।

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