मुंबई में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ठगों ने बेहद शातिर तरीके से निशाना बनाया। बिजली बिल में नाम बदलवाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने महिला के मोबाइल पर पूरी तरह कब्जा कर लिया और कुछ ही समय में उनके बैंक खाते से करीब 25 लाख रुपये उड़ा लिए।
कैसे दिया गया ठगी को अंजाम
जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर महिला से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि बिजली बिल में नाम अपडेट करने के लिए एक जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी बहाने महिला के व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा गया।
जैसे ही महिला ने उस फाइल को इंस्टॉल किया, ठगों को उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल गया। इसके बाद उन्होंने फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स और निजी जानकारी का इस्तेमाल कर खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर ली।
APK फाइल क्यों है खतरनाक
APK फाइलें आमतौर पर गूगल प्ले स्टोर के बाहर से ऐप इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल होती हैं। साइबर अपराधी इन्हीं फाइलों के जरिए मोबाइल में मैलवेयर डालकर यूजर का डेटा, OTP और बैंक डिटेल्स तक पहुंच बना लेते हैं।
बुजुर्गों को बनाया जा रहा आसान निशाना
इस तरह के मामलों में खासतौर पर बुजुर्ग लोग निशाना बनते हैं, क्योंकि उन्हें तकनीकी जानकारी कम होती है और वे आसानी से झांसे में आ जाते हैं। ठग अक्सर सरकारी विभाग, बैंक या सर्विस एजेंसी का नाम लेकर भरोसा जीतते हैं।
कैसे रहें सुरक्षित
- किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें
- व्हाट्सएप या SMS पर आए संदिग्ध लिंक से दूर रहें
- OTP, बैंक डिटेल्स या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति किसी को न दें
- केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें
- किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा करने से बचें
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक नुकसान में बदल सकती है। इसलिए सतर्क रहना और डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
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