History of August 5: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की दिशा में 5 अगस्त 2020 का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन किया। इस आयोजन के साथ मंदिर निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हुई और अयोध्या के लंबे समय से चले आ रहे राम जन्मभूमि विवाद के बाद एक नए अध्याय की शुरुआत हुई।
9 नवंबर 2019 को आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला
राम मंदिर निर्माण का रास्ता 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद साफ हुआ। पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया।
अदालत ने केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट गठित करने का निर्देश दिया। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया, जिसे मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
5 अगस्त 2020 को हुआ भूमिपूजन
भूमिपूजन समारोह 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और वैदिक विधि-विधान के साथ मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई संत-महात्मा और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कोरोना महामारी के कारण कार्यक्रम में सीमित संख्या में लोगों को आमंत्रित किया गया था।
भूमिपूजन के बाद तेज हुआ मंदिर निर्माण
भूमिपूजन के बाद श्री राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण का काम आगे बढ़ा। मंदिर की वास्तुकला, निर्माण सामग्री और तकनीकी संरचना को लेकर लंबे स्तर पर काम किया गया।
मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नेतृत्व में आगे बढ़ी। निर्माण कार्य के साथ परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई कार्य भी किए गए।
22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
भूमिपूजन के करीब साढ़े तीन साल बाद 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य भूमिका निभाई। इस अवसर पर देशभर से संत, धर्माचार्य, गणमान्य व्यक्ति और आमंत्रित अतिथि अयोध्या पहुंचे।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन का प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया।
5 अगस्त की तारीख क्यों है खास?
5 अगस्त 2020 केवल मंदिर निर्माण के भूमिपूजन की तारीख नहीं है, बल्कि ये अयोध्या में मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे पहले दशकों तक राम जन्मभूमि को लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर विवाद चलता रहा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भूमिपूजन और फिर मंदिर निर्माण ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नए चरण में पहुंचाया।
प्रमुख तारीखें एक नजर में
- 9 नवंबर 2019: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
- 5 अगस्त 2020: अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन
- 22 जनवरी 2024: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
- निर्माण और प्रबंधन: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जाता है। 5 अगस्त 2020 का भूमिपूजन इस निर्माण यात्रा का वो प्रमुख पड़ाव था, जिसने मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत को चिह्नित किया।































