मुंबई: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर और IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे (Tukaram Mundhe) ने अपने तबादले की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका FDA से ट्रांसफर नहीं हुआ है और वे कमिश्नर के तौर पर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि असुरक्षित, घटिया और मिलावटी खाद्य पदार्थों के साथ-साथ नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।
MPSC में बदलाव के लिए समिति बनने से फैला भ्रम
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की भर्ती संस्था महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में बदलावों पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की है। इस समिति के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले हैं। समिति में IPS अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व IAS अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी.डी. नाइक भी शामिल हैं।
IAS तुकाराम मुंडे (Tukaram Mundhe) को इस समिति का सचिव नियुक्त किया गया है। इसी नियुक्ति के बाद उनके FDA से तबादले की खबरें सोशल मीडिया पर फैलने लगीं। हालांकि, मुंडे ने खुद सामने आकर इन खबरों को गलत बताया।
अंग्रेजी और मराठी में दी सफाई
तुकाराम मुंडे (Tukaram Mundhe) ने अंग्रेजी और मराठी में पोस्ट साझा कर कहा कि उनका FDA से तबादला नहीं हुआ है। उन्होंने दोहराया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, असुरक्षित खाने और नकली व घटिया दवाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
No, I have not been transferred from FDA.
नाही, माझी FDA मधून बदली झालेली नाही.I continue to serve as Commissioner, FDA Maharashtra. Our fight against unsafe, substandard, adulterated food and spurious, substandard drugs goes on.
मी अन्न व औषध प्रशासन, महाराष्ट्र येथे आयुक्त म्हणून कार्यरत आहे. भेसळयुक्त अन्न आणि निकृष्ट औषधांविरुद्धची आमची लढाई सुरूच आहे.
#TukaramMundhe #Trust
— Tukaram Mundhe (@Tukaram_IndIAS) October 12, 2026
उनके इस स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने राहत जताई। कुछ यूजर्स ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई जारी रखने की उम्मीद व्यक्त की, जबकि अन्य ने उनके काम की सराहना की।
खाद्य सुरक्षा को लेकर कार्रवाई पर नजर
तुकाराम मुंडे (Tukaram Mundhe) के बयान से स्पष्ट है कि वे FDA महाराष्ट्र के कमिश्नर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। वहीं, MPSC में सुधारों के लिए गठित समिति में सचिव की भूमिका भी उन्हें सौंपी गई है। उनके तबादले को लेकर फैला भ्रम अब उनके सार्वजनिक स्पष्टीकरण के बाद दूर हो गया है।
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