लद्दाख प्रशासन ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) द्वारा स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) के ‘डेजर्ट फ्लावर स्कूल’ को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने तक स्कूल में कक्षाओं और अन्य गतिविधियों का संचालन न किया जाए। ये नोटिस 1 नवंबर 2026 को लेह के तहसीलदार कार्यालय की ओर से जारी किया गया है।
जरूरी मंजूरी के बिना कक्षाएं शुरू करने का आरोप
प्रशासन की ओर से HIAL की सह-संस्थापक और CEO गीतांजलि जे. आंग्मो को संबोधित नोटिस में कहा गया है कि लेह के फ्यांग स्थित डेजर्ट फ्लावर स्कूल में सक्षम अधिकारियों से जरूरी अनुमति, सहमति और मंजूरी लिए बिना कक्षाएं और अन्य गतिविधियां शुरू किए जाने की जानकारी मिली है।
नोटिस में 22 सितंबर को भेजे गए उस पत्र का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें गीतांजलि आंग्मो ने स्कूल की प्रस्तावित प्रबंध समिति के सदस्यों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और आवश्यक मंजूरी मांगी थी। इसके बावजूद स्कूल में गतिविधियां शुरू होने पर प्रशासन ने आपत्ति जताई है।
हाईकोर्ट में लंबित है जमीन आवंटन का मामला
इस पूरे विवाद की जड़ HIAL को आवंटित जमीन से जुड़ी है। लद्दाख प्रशासन ने अगस्त 2025 में संस्थान को आवंटित जमीन का आवंटन रद्द कर दिया था। इस फैसले को HIAL ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में चुनौती दी है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है।
इसी कानूनी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संस्थान को यथास्थिति बनाए रखने और ऐसी कोई कार्रवाई नहीं करने की सलाह दी है, जिससे अदालत में चल रही सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
तहसीलदार कार्यालय के नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जब तक हाईकोर्ट मामले पर अंतिम फैसला नहीं सुनाता या आगे कोई नया निर्देश जारी नहीं करता, तब तक डेजर्ट फ्लावर स्कूल के संचालन और गतिविधियों को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
प्रशासन ने गीतांजलि आंग्मो और HIAL को इस मामले में सख्ती से यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
क्या है HIAL?
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की स्थापना सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने लद्दाख में शिक्षा के वैकल्पिक तरीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी। संस्थान का मकसद स्थानीय जरूरतों, पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना है।
फिलहाल, डेजर्ट फ्लावर स्कूल की गतिविधियों को लेकर प्रशासन और संस्थान के बीच कानूनी विवाद जारी है। अब इस मामले में हाईकोर्ट का अंतिम फैसला महत्वपूर्ण होगा।
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