मुंबई के बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल उद्यान और चिड़ियाघर में करीब 16 साल बाद एक बार फिर एशियाई शेर देखने को मिल सकते हैं। मुंबई और गुजरात के बीच प्रस्तावित वन्यजीव आदान-प्रदान योजना के तहत गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग जूलॉजिकल गार्डन से चार एशियाई शेर मुंबई लाए जाएंगे। इसके बदले में मुंबई का बायकुला चिड़ियाघर गुजरात को छह टफ्टेड कैप्यूचिन बंदर देगा।
इस संबंध में गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के बीच अहम बैठक हुई। ये मुलाकात मुख्यमंत्री के आवास पर हुई, जिसमें दोनों चिड़ियाघरों के बीच जानवरों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद मेयर ऋतु तावड़े ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इससे बायकुला चिड़ियाघर में एशियाई शेरों को लाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है। बीएमसी को जल्द ही गुजरात सरकार की ओर से मंजूरी पत्र और समझौता ज्ञापन (MoU) का मसौदा मिलने की संभावना है।
गुजरात को छह बंदर देगा मुंबई का बायकुला चिड़ियाघर
प्रस्तावित वन्यजीव आदान-प्रदान योजना के तहत जूनागढ़ का सक्करबाग जूलॉजिकल गार्डन मुंबई को कुल चार एशियाई शेर देगा। इनमें दो नर और दो मादा शेर शामिल होंगे।
इसके बदले में बायकुला चिड़ियाघर गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर को टफ्टेड कैप्यूचिन बंदरों के तीन जोड़े यानी कुल छह बंदर सौंपेगा। दोनों चिड़ियाघरों ने इस प्रस्तावित आदान-प्रदान पर पहले ही सहमति जता दी है। अब सरकारी मंजूरी और समझौते की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।
2014 में हुई थी आखिरी शेर की मौत
बायकुला चिड़ियाघर में पिछले कई वर्षों से शेर नहीं हैं। यहां आखिरी बार ‘जिमी’ नाम का शेर मौजूद था, जिसकी 2014 में लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद से चिड़ियाघर में शेरों का बाड़ा खाली पड़ा है।
अब करीब 16 साल बाद एशियाई शेरों की वापसी की संभावना से चिड़ियाघर प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। नए शेर आने से मुंबई के लोगों को एक बार फिर इन दुर्लभ वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका मिल सकता है।
शेरों के लिए तैयार किया गया आधुनिक बाड़ा
बायकुला चिड़ियाघर में एशियाई शेरों को रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA), नई दिल्ली से अंतिम रूप से स्वीकृत मास्टर लेआउट प्लान के तहत शेरों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक बाड़ा तैयार किया गया है।
इस बाड़े को शेरों की जरूरतों, उनकी सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य शेरों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटकों को भी उन्हें देखने का अवसर देना है।
गुजरात के वन राज्य मंत्री से भी मिलीं मेयर ऋतु तावड़े
गांधीनगर दौरे के दौरान मेयर ऋतु तावड़े ने गुजरात के वन राज्य मंत्री प्रवीणकुमार माली से भी मुलाकात की। उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि वन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि शेरों को मुंबई के बायकुला चिड़ियाघर भेजने की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
फिलहाल इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए सरकारी मंजूरी और समझौते की औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं। यदि पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो मुंबईकरों को लंबे इंतजार के बाद बायकुला चिड़ियाघर में एशियाई शेरों की दहाड़ सुनने और उन्हें देखने का मौका मिल सकता है।
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