वसई-भाईंदर के बीच शुक्रवार से रोरो सेवा शुरू होगी।
इस सेवा से सफर एक घंटे से घटकर सिर्फ 15 मिनट में हो जाएगा।
पहली नाव को शुक्रवार, 16 फरवरी को दोपहर में वसई जेट्टी से रवाना किया जाएगा।
इस सेवा का उद्घाटन केंद्रीय बंदरगाह विकास मंत्री सर्बानंद सोनोवाल करेंगे।
वसई-विराकर से मुंबई और मीरा-भाईंदर की ओर जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। सालों से अटकी रोरो सेवा शुक्रवार से शुरू हो रही है। पहली नाव को शुक्रवार, 16 फरवरी की दोपहर वसई जेट्टी से रवाना किया जाएगा। इस सर्विस से सफर एक घंटे से घटकर सिर्फ पंद्रह मिनट में हो जाएगा।
रोरो सेवा क्या है?
रोरो सेवा का मतलब है ‘रोल-ऑन, रोल-ऑफ’। यह एक ऐसी जल परिवहन सेवा है जिसमें वाहनों को नावों पर लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है।
वसई-भाईंदर रोरो सेवा के फायदे:
यह सेवा वसई-भाईंदर के बीच की दूरी को 34.7 किमी कम कर देगी।
इससे 55 मिनट बचेंगे।
यह सेवा सुबह 6 से शाम 7 बजे तक मिलेगी।
यह सेवा ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाएगी।
रोरो सेवा का किराया:
12 वर्ष से ऊपर के यात्री: 25 रुपये
बारह वर्ष से कम आयु के यात्री: 15 रुपये
बाइक (ड्राइवर के साथ): 50 रुपये
तीन पहिया वाहन (ड्राइवर के साथ): 70 रुपये
चार पहिया वाहन (ड्राइवर के साथ): 140 रुपये
बस या ट्रक (चालक और सहायक सहित): 300 रुपये































