महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक निजी स्कूल की नर्सरी में पढ़ने वाली 4 साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल बस में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी बस चालक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है, जबकि स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
घटना का विवरण
पीड़ित बच्ची रोजाना स्कूल बस से स्कूल आती-जाती थी। घटना वाले दिन बच्ची निर्धारित समय पर घर नहीं लौटी। मां ने जब बस ड्राइवर को फोन किया, तो लगभग डेढ़ घंटे की देरी के बाद बच्ची घर पहुंची। वो बेहद सहमी हुई और डरी हुई नजर आ रही थी। मां के बार-बार पूछने पर बच्ची ने बताया कि बस ड्राइवर ने उसके साथ गलत हरकत की और उसे ‘Bad Touch’ (खराब छूना) के बारे में इशारा किया।
इसके बाद माता-पिता ने तुरंत बच्ची को स्कूल ले जाकर प्रिंसिपल को सूचित किया। लेकिन आरोप है कि प्रिंसिपल ने बस ड्राइवर का पक्ष लिया और कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की। जब ड्राइवर को प्रिंसिपल के केबिन में बुलाया गया, तो बच्ची उसे देखते ही डर गई और माता-पिता के पीछे छिप गई। इस व्यवहार से माता-पिता को मामले की गंभीरता का अंदाजा हो गया और उन्होंने सीधे पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही बदलापुर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने स्कूल बस की जांच शुरू की और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी गंभीरता से चल रही है और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
स्कूल प्रशासन पर सवाल
जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्कूल बस में कोई महिला अटेंडेंट नहीं थी। ये लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के नियमों का सीधा उल्लंघन है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन को बस ड्राइवर के साथ-साथ सख्त कार्रवाई का सामना करना चाहिए। पहले भी बदलापुर में स्कूलों पर ऐसे मामलों में पर्दा डालने के आरोप लगते रहे हैं।
घटना के बाद NCP (अजित पवार गुट) की महिला कार्यकर्ताओं ने बदलापुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
बच्चों की सुरक्षा: एक बड़ी चुनौती
ये मामला महाराष्ट्र में स्कूल बसों और निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। अभिभावकों की मांग है कि हर स्कूल बस में महिला अटेंडेंट अनिवार्य हो। बस ड्राइवर और स्टाफ की पृष्ठभूमि जांच (पुलिस वेरिफिकेशन) सख्ती से हो। ‘Good Touch-Bad Touch’ की शिक्षा बच्चों को स्कूल में दी जाए और स्कूल प्रशासन तुरंत शिकायत पर कार्रवाई करे, टालमटोल न करे।
पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच होगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन ऐसे मामले समाज में डर का माहौल पैदा करते हैं और अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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