देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने की एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। महाराष्ट्र एटीएस (ATS) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बेहद गोपनीय और सटीक संयुक्त ऑपरेशन में तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं क्योंकि आतंकियों ने इस बार धमाके के लिए एक नया और घातक तरीका चुना था।
1. आधी रात को छापेमारी: कांदिवली से टिटवाला तक एक्शन
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में कुछ संदिग्ध सक्रिय हैं। इसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल की टीम मुंबई पहुँची और महाराष्ट्र एटीएस के साथ मिलकर जाल बिछाया।
* प्रमुख ठिकाने: छापेमारी मुंबई के कांदिवली, कुर्ला और ठाणे जिले के टिटवाला व खडवली इलाकों में की गई।
* गिरफ्तारी: इस सघन तलाशी अभियान में तीन संदिग्धों को धर-दबोचा गया। साथ ही, एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
2. खौफनाक ‘टॉय कार’ मॉड्यूल का पर्दाफाश
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों पर आरोप है कि वे दिल्ली में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की योजना बना रहे थे। जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह था उनका ‘टॉय कार’ (Toy Car) मॉडल।
* रिमोट कंट्रोल धमाका: साजिश के तहत खिलौना कारों के भीतर आईईडी (IED) या विस्फोटक फिट करके उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाकों में रिमोट के जरिए उड़ाने की तैयारी थी।
* नई तकनीक: टॉय कार का इस्तेमाल इसलिए चुना गया ताकि सुरक्षा जांच और सीसीटीवी की नजरों से बचते हुए विस्फोटक को लक्ष्य तक पहुँचाया जा सके।
3. दिल्ली ले जाए गए संदिग्ध: आगे की जांच जारी
पकड़े गए तीनों आरोपियों को दिल्ली स्पेशल सेल की टीम ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई है। दिल्ली में उनसे गहन पूछताछ की जाएगी ताकि इस मॉड्यूल के आकाओं और उनके विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके।
* नेटवर्क की तलाश: एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन्हें विस्फोटक कहाँ से मिले और क्या इनके निशाने पर दिल्ली के कुछ विशेष वीआईपी (VIP) इलाके या बाजार थे।
4. मुंबई-ठाणे में अलर्ट, सुरक्षा कड़ी
इस गिरफ्तारी के बाद मुंबई और ठाणे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। जिन इलाकों से गिरफ्तारी हुई है, वहां के स्थानीय नेटवर्क और संदिग्धों के पिछले रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। एटीएस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन संदिग्धों को स्थानीय स्तर पर किसी ने लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था।
सतर्कता से टला बड़ा संकट
महाराष्ट्र एटीएस और दिल्ली पुलिस के बीच के शानदार समन्वय ने एक संभावित नरसंहार को टाल दिया है। ‘टॉय कार’ जैसे नए तरीकों का इस्तेमाल यह बताता है कि आतंकी संगठन अब पारंपरिक रास्तों को छोड़कर डिजिटल और रिमोट-आधारित तकनीकों की ओर बढ़ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की यह मुस्तैदी देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत है।
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