आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के राजमुंदरी क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर मिलावटी दूध के सेवन के बाद 48 घंटे के भीतर चार बुजुर्गों की मौत हो गई। वहीं 12 अन्य लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। सभी प्रभावित लोगों की उम्र 65 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
48 घंटे में बिगड़ी हालत, किडनी फेल होने से मौत
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रभावित लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ी और उनमें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आईं। कुछ ही घंटों में हालत इतनी खराब हो गई कि चार लोगों की मौत हो गई। अन्य मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है और मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जांच में सामने आया मिलावटी दूध का एंगल
जिला प्रशासन ने शुरुआत में प्रभावित क्षेत्र में पानी के नमूनों की जांच कराई, लेकिन पानी में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों ने विस्तृत पड़ताल की। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण समानता सामने आई कि सभी पीड़ित परिवारों ने एक ही वेंडर से सप्लाई किया गया दूध इस्तेमाल किया था। इसी आधार पर जांच की दिशा मिलावटी दूध की ओर मोड़ी गई।
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि पीड़ितों ने जिस दूध का सेवन किया था, वो मिलावटी हो सकता है। दूध के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दूध में किस प्रकार की मिलावट की गई थी और वो स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक था।
दूध विक्रेता हिरासत में, डेयरी यूनिट सीज
जांच कर रहे अधिकारियों ने कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम गांव से एक दूध विक्रेता को हिरासत में लिया है। उसकी अवैध रूप से संचालित डेयरी यूनिट को भी सीज कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, इस वेंडर से दूध लेने वाले 105 परिवारों की पहचान की गई है, जिनमें से अब तक 75 परिवारों से सैंपल लिए जा चुके हैं। सभी सैंपलों की जांच कराई जा रही है ताकि बीमारी के सटीक कारण का पता लगाया जा सके।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बुलाई आपात बैठक
घटना की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक की। उन्होंने पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विजयवाड़ा से विशेष मेडिकल और प्रशासनिक टीमें राजमुंदरी पहुंच चुकी हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोत से ही दूध और डेयरी उत्पाद खरीदें। संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें और किसी भी प्रकार की असामान्य शारीरिक समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ये घटना खाद्य सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नियमित जांच की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।































