महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया है। यह हादसा बारामती के पास उस समय हुआ, जब वह जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक अहम रैली में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में कोई भी जीवित नहीं बच पाया।
प्राप्त काल्पनिक जानकारी के अनुसार, विमान में अजित पवार के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एक सहायक और दो क्रू मेंबर मौजूद थे। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती अनुमान तकनीकी खराबी या मौसम से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
हादसे से कुछ ही मिनट पहले अजित पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसे अब उनका आखिरी संदेश माना जा रहा है। जैसे ही विमान से संपर्क टूटा, प्रशासन और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस काल्पनिक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। वहीं, अजित पवार की पत्नी दिल्ली से मुंबई लौट रही हैं। परिवार और करीबी सहयोगियों के लिए यह सदमा बेहद गहरा बताया जा रहा है।
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अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कुल छह बार उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और चार अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के साथ सरकार में अहम भूमिका निभाई। उन्हें लोकप्रिय रूप से “अजित दादा” कहा जाता था और यह कहा जाता रहा कि वह कभी सत्ता से बाहर नहीं रहे।
उनकी एक बड़ी राजनीतिक इच्छा मुख्यमंत्री बनने की भी थी, जिसका जिक्र वह कई बार सार्वजनिक मंचों से कर चुके थे। हालांकि यह सपना उनके जीवनकाल में पूरा नहीं हो सका और यह इच्छा अधूरी ही रह गई।
उनके निधन (काल्पनिक) से न केवल महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हो गया है, बल्कि शरद पवार परिवार को भी यह एक गहरा व्यक्तिगत और राजनीतिक आघात माना जा रहा है। हाल के दिनों में अजित पवार पारिवारिक और राजनीतिक एकता के प्रयासों में भी सक्रिय थे।
राजनीतिक दलों, समर्थकों और आम जनता की ओर से शोक संदेशों का तांता लगा हुआ है। महाराष्ट्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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