अमेरिका के मैरीलैंड स्टेट से सामने आए एक सनसनीखेज मर्डर मामले में इंटरनेशनल लेवल पर चल रही जांच अब भारत आकर पूरी हुई है। दरअसल एक भारतीय महिला की हत्या कर आरोपी अमेरिका से फरार हो गया था, जिसे इंटरपोल की मदद से तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। ये मामला न सिर्फ क्रूर हत्या का है, बल्कि इसमें भरोसे, रिश्तों और कानून से भागने की कोशिश जैसे कई गंभीर पहलू जुड़े हुए हैं।
मैरीलैंड में लापता हुई थी निकिता गोडिशला
दरअसल 27 वर्षीय निकिता राव गोडिशला भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक थीं और मैरीलैंड के एलिकॉट सिटी में अकेली रहती थीं। वो पेशे से डेटा एनालिस्ट थीं और वेडा हेल्थ नामक कंपनी में डेटा और स्ट्रैटेजी एनालिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं। फरवरी 2025 में जॉब जॉइन करने के बाद उन्हें हाल ही में कंपनी की ओर से ऑल इन अवॉर्ड भी दिया गया था।
अब 2 जनवरी को निकिता अचानक लापता हो गईं। जब काफी समय तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो मामला पुलिस तक पहुंचा। इसी दौरान उनके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा ने हॉवर्ड काउंटी पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि उसने 31 दिसंबर, यानी नए साल की पूर्व संध्या पर निकिता से मुलाकात की थी।
एक्स बॉयफ्रेंड पर बढ़ा शक, भारत भागने का खुलासा
अर्जुन शर्मा के बयान के बाद पुलिस को उस पर शक हुआ और पुलिस जांच में जुट गई। जांच में सामने आया कि निकिता के लापता होने के तुरंत बाद अर्जुन ने अमेरिका छोड़ दिया और भारत के लिए उड़ान भर ली। खास बात ये रही कि वो गुमशुदगी की सूचना देने के बाद ही देश से बाहर चला गया था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
आरोपी के फ्लैट से मिला निकिता का शव
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सर्च वारंट के आधार पर अर्जुन शर्मा के अपार्टमेंट की तलाशी ली। 3 जनवरी को उसी फ्लैट के भीतर से निकिता गोडिशला का शव बरामद हुआ। बस क्या था, गुमशुदगी का ये मामला अब सीधे हत्या में बदल गया।
पुलिस के अनुसार, निकिता के शरीर पर चाकू के कई वार के निशान थे, जो ये साबित करते हैं कि उन पर बेहद हिंसक हमला किया गया था। इसके बाद हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ फर्स्ट डिग्री और सेकंड डिग्री मर्डर के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
हत्या के पीछे की वजह की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे क्या कारण था। जांच एजेंसियां आरोपी और मृतका के रिश्ते, हालिया विवादों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
इंटरपोल की मदद से तमिलनाडु में गिरफ्तारी
जहां तक आरोपी के गिरफ्तारी की बात है, तो अर्जुन शर्मा की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी संघीय एजेंसियों ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया। इंटरपोल के जरिए दोनों देशों की एजेंसियों के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान हुआ। इसी समन्वय के चलते आरोपी को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रत्यर्पण की तैयारी, परिवार को सहायता
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि वो निकिता गोडिशला के परिवार के लगातार संपर्क में है और उन्हें काउंसलिंग सहित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दूतावास स्थानीय अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की निगरानी कर रहा है। जल्द ही आरोपी अर्जुन शर्मा के अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि वहां कानून के तहत उस पर मुकदमा चलाया जा सके।
ये मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय अपराधों में भी कानून से बच पाना मुश्किल है और वैश्विक स्तर पर एजेंसियों के सहयोग से अपराधियों तक पहुंचना संभव हो पा रहा है।
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