एनसीपी नेता और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक अहम कानूनी मोड़ सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले के पहले आरोपी को जमानत दे दी है। हालांकि अदालत ने रिहाई के साथ कई कड़ी शर्तें भी तय की हैं। इस फैसले के बाद ये मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
किस आरोपी को मिली जमानत?
मामले में गिरफ्तार आरोपी आकाशदीप सिंह को हाई कोर्ट से राहत मिली है। वो इस केस में जमानत पाने वाला पहला आरोपी बन गया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और जांच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ये फैसला सुनाया।
कोर्ट की प्रमुख शर्तें
हाई कोर्ट ने जमानत देते समय कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन आरोपी को अनिवार्य रूप से करना होगा:
नियमित अंतराल पर संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी।
बिना अदालत की अनुमति राज्य या देश से बाहर नहीं जा सकेगा।
पासपोर्ट जमा कराना होगा।
जांच में सहयोग करना अनिवार्य रहेगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो जमानत रद्द की जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
बाबा सिद्दीकी की हत्या पिछले साल मुंबई में गोली मारकर की गई थी। घटना के बाद राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। पुलिस और जांच एजेंसियों ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और संगठित अपराध से संभावित कनेक्शन की भी जांच की।
जांच अब भी जारी
हालांकि एक आरोपी को जमानत मिल गई है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है। अन्य आरोपियों की भूमिका, साजिश के पहलुओं और सबूतों की कड़ियों को जोड़ने का काम जांच एजेंसियां कर रही हैं।
ये मामला कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। आने वाले दिनों में ट्रायल की सुनवाई और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी फैसला हो सकता है। फिलहाल, हाई कोर्ट के इस फैसले ने केस की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
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