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टेस्ट क्रिकेट में बड़ा बदलाव: MCC ने आखिरी ओवर का नियम पलटा

टेस्ट क्रिकेट
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क्रिकेट की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्था मैरिलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने 2026 सीजन से लागू होने वाले नए क्रिकेट कानूनों का ऐलान कर दिया है। इन बदलावों में टेस्ट क्रिकेट के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और रोमांच बढ़ाने वाला नियम शामिल है, जो लाल गेंद के खेल को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने वाला साबित होगा। इसके अलावा कुछ विशेष प्रकार के बल्लों को भी अब उपयोग की अनुमति दे दी गई है, जो पहले प्रतिबंधित थे। ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में लागू होंगे।

आखिरी ओवर पूरा खेला जाएगा

MCC के नए कानून 12.5.2 के अनुसार, टेस्ट मैच में दिन के आखिरी निर्धारित ओवर में अगर विकेट गिरता है, तो उस दिन का खेल तुरंत बंद नहीं होगा। पहले की व्यवस्था में जैसे ही आखिरी ओवर में विकेट गिरता था, अंपायर स्टंप्स घोषित कर देते थे, जिससे बैटिंग टीम को फायदा मिलता था। वो अगले दिन अपनी रणनीति के अनुसार नाइटवॉचमैन या स्थापित बल्लेबाज भेज सकती थी।

अब नया नियम कहता है कि विकेट गिरने के बावजूद आखिरी ओवर की सभी 6 गेंदें फेंकी जाएंगी। नया बल्लेबाज तुरंत क्रीज पर आएगा और दिन की आखिरी गेंदें खेलनी होंगी। इससे फील्डिंग टीम को लगातार दबाव बनाने का मौका मिलेगा और मैच में अंतिम सत्र का रोमांच कई गुना बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव टेस्ट क्रिकेट को और ज्यादा आक्रामक और रोचक बनाएगा, खासकर चौथी पारी में जब मैच करीबी होता है।

पुराने ‘बैन’ बैट को मिली अनुमति

नए कानूनों में बल्लेबाजों के लिए एक राहत भरा बदलाव भी है। पहले कुछ विशेष प्रकार के बैट, जिनकी मोटाई या डिजाइन नियमों से बाहर थे, पूरी तरह प्रतिबंधित थे। अब MCC ने स्पष्ट किया है कि अगर बल्ले की मोटाई और अन्य पैरामीटर निर्धारित सीमा में हैं, तो कुछ पुराने या वैकल्पिक डिजाइन वाले बैट का इस्तेमाल फिर से संभव होगा। हालांकि बैट की अधिकतम मोटाई अभी भी लॉ 5 के तहत सख्ती से नियंत्रित रहेगी (एज 40mm, कुल मोटाई 67mm तक)। यह बदलाव उन खिलाड़ियों को फायदा देगा जो अपने पुराने पसंदीदा बैट को दोबारा इस्तेमाल करना चाहते थे।

अन्य छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव

MCC ने कुल कई छोटे-मोटे नियमों में संशोधन किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • स्टंपिंग और रन आउट के मामलों में अंपायर की निर्णय प्रक्रिया को और स्पष्ट करना।
  • मैदान पर खिलाड़ियों के व्यवहार और ड्रेस कोड से जुड़े दिशानिर्देशों को अपडेट करना।
  • डेड बॉल और नो बॉल संबंधी कुछ तकनीकी बदलाव।

क्यों जरूरी थे ये बदलाव?

MCC के लॉज सब-कमिटी के अध्यक्ष और पूर्व इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग ने कहा कि ये बदलाव खेल की भावना को बनाए रखते हुए आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के अनुरूप हैं। टेस्ट क्रिकेट में आखिरी ओवर का नया नियम विशेष रूप से इसलिए लाया गया है ताकि खेल का संतुलन फील्डिंग और बैटिंग दोनों पक्षों के बीच बराबर रहे। पिछले कुछ वर्षों में कई टेस्ट मैचों में आखिरी सत्र में एक विकेट गिरते ही स्टंप्स हो जाने से रोमांच कम हो जाता था।

क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया

भारतीय पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने इस बदलाव का स्वागत किया और कहा, “ये टेस्ट क्रिकेट के लिए शानदार कदम है। अब आखिरी ओवर में गेंदबाजों को विकेट की हैट्रिक का मौका मिलेगा।” वहीं इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने इसे “गेम चेंजर” करार दिया।

ये बदलाव टेस्ट क्रिकेट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं। 2026 से जब ये नियम लागू होंगे, तो दर्शकों को अंतिम सत्रों में और ज्यादा ड्रामा देखने को मिलेगा। क्रिकेट प्रेमी अब से ही अगले टेस्ट सीजन का इंतजार कर रहे हैं!

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