फिल्म जगत के मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग की घटना ने केवल बॉलीवुड को ही नहीं दहलाया, बल्कि जांच एजेंसियों के सामने एक ऐसे संगठित अपराध के तंत्र का पर्दाफाश किया है जिसकी जड़ें उत्तर प्रदेश के शांत इलाकों में गहरी धंसी हुई हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कुख्यात बिश्नोई गैंग अब यूपी के युवाओं को अपना मोहरा बना रहा है।
रणनीतिक घेराबंदी: यूपी के १२ जिले रडार पर
जांच सूत्रों के अनुसार, बिश्नोई गैंग ने उत्तर प्रदेश के उन जिलों को अपना नया गढ़ बनाया है जो हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं से सटे हैं। रणनीतिक रूप से इन इलाकों का चुनाव इसलिए किया गया है ताकि वारदात के बाद सुरक्षित ठिकाने और रसद की कमी न हो। गैंग की सक्रियता विशेष रूप से इन जिलों में बढ़ी है:
- पश्चिमी यूपी: सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद।
- ब्रज और अन्य क्षेत्र: आगरा, अलीगढ़, एटा, इटावा और बरेली।
- कैसे होता है ‘ब्रेनवॉश’: बेरोजगारी और फेम का घातक कॉकटेल
गैंग का भर्ती करने का तरीका किसी आतंकी संगठन से कम नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, गैंग के मुख्य गुर्गे सोशल मीडिया और स्थानीय संपर्कों के जरिए ऐसे बेरोजगार युवाओं को चुनते हैं जो जल्द से जल्द पैसा और नाम कमाना चाहते हैं।
- लालच: युवाओं को ‘बड़ा गैंगस्टर’ बनने और लग्जरी लाइफस्टाइल का सपना दिखाया जाता है।
- ट्रेनिंग कैंप: भर्ती के बाद गुप्त ठिकानों पर इनके मानसिक प्रशिक्षण (ब्रेनवॉश) के कैंप चलते हैं।
- विचारधारा का जहर: यहाँ युवाओं को उकसाने वाली कहानियाँ सुनाई जाती हैं, उन्हें ‘मिशन’ का हिस्सा बताया जाता है और समाज के कुछ लोगों को ‘दुश्मन’ के तौर पर पेश कर उनके मन में नफरत भरी जाती है।
‘बहराइच’ से ‘आगरा’ तक: मॉड्यूल आधारित वारदातों का जाल
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बिश्नोई गैंग अब ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर काम कर रहा है।
- बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में ‘बहराइच मॉड्यूल’ के शूटरों का इस्तेमाल हुआ था।
- रोहित शेट्टी फायरिंग केस को अंजाम देने के लिए ‘आगरा मॉड्यूल’ को सक्रिय किया गया था।
इन मॉड्यूल्स का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचने की कड़ियां टूट जाएं और स्थानीय लड़कों के कारण पुलिस को गुमराह किया जा सके।
मकोका कोर्ट का एक्शन: 5 आरोपी 23 फरवरी तक हिरासत में
रोहित शेट्टी केस की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुणे से गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों— आदित्य गायकी, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी, स्वप्निल सकट और आसाराम फासले— को मंगलवार को मकोका (MCOCA) कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और यूपी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की जरूरत को देखते हुए सभी आरोपियों को २३ फरवरी तक दोबारा पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
एजेंसियों का साझा ऑपरेशन: यूपी एसटीएफ और मुंबई पुलिस की दबिश
यूपी के कई जिलों में बिश्नोई गैंग के नए मॉड्यूल खड़े होने की सूचना के बाद यूपी एसटीएफ (STF) और मुंबई क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से जांच तेज कर दी है। खुफिया विभाग उन संदिग्धों की सूची तैयार कर रहा है जो हाल के दिनों में जेल से छूटे हैं या बिश्नोई गैंग के गुर्गों के संपर्क में रहे हैं।
यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अगर समय रहते युवाओं को इस ‘गैंगस्टर कल्चर’ के जाल से नहीं निकाला गया, तो यूपी के शांत जिले संगठित अपराध की नई प्रयोगशाला बन सकते हैं।




























