BMC Budget 2026: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। कमिश्नर और प्रशासक भूषण गगरानी ने इस साल ₹80,952 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया है। यह न केवल पिछले साल के मुकाबले ₹6,525 करोड़ (8.7%) अधिक है, बल्कि यह संकेत है कि मुंबई अब वैश्विक स्तर के बुनियादी ढांचे की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।
📢शिक्षण विभागाचे वित्तीय वर्ष २०२६-२७ चे अर्थसंकल्पीय अंदाज ‘ई’ प्रमुख वैशिष्ट्ये
🔹अर्थसंकल्पीय अंदाजाचे आकारमान (प्राथमिक) ४,२४८.०८ कोटी रुपये
🔹महसूली अंदाज ३,७५८.०८ कोटी रुपये
🔹भांडवली अंदाज ४९०.०० कोटी रुपये
🔹प्राथमिक शिक्षणासाठी राज्य शासनाकडून अपेक्षित अनुदान ६४३.८०…— माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) February 25, 2026
बजट का मुख्य ढांचा: विकास की नई परिभाषा
इस साल के बजट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘कैपिटल एक्सपेंडिचर’ (पूंजीगत व्यय) है। यानी बजट का एक बड़ा हिस्सा केवल वेतन या रखरखाव पर नहीं, बल्कि नए पुलों, सड़कों और अस्पतालों के निर्माण पर खर्च होगा।
- कुल बजट: ₹80,952 करोड़
- पिछले साल का बजट: ₹74,427 करोड़
- वृद्धि: ₹6,525 करोड़
🔹बृहन्मुंबई महानगरपालिकेचे वित्तीय वर्ष २०२६ – २७ चे ‘अ’, ‘ब’ आणि ‘ग’ हे अर्थसंकल्पीय अंदाज महानगरपालिका आयुक्त श्री. भूषण गगराणी यांनी स्थायी समिती सभेमध्ये, स्थायी समिती अध्यक्ष श्री. प्रभाकर शिंदे यांना सादर केले.
🔹याप्रसंगी स्थायी समिती सदस्य यांसमवेत अतिरिक्त… pic.twitter.com/g2CHy1rDaI
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इन 5 क्षेत्रों पर रहेगा ‘सुपर फोकस’
- इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल (Roads & Bridges)
मुंबई की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए सड़क कंक्रीटीकरण (Road Concreting) परियोजना को मिशन मोड पर रखा गया है। कोस्टल रोड के विस्तार और दहिसर-भयंदर लिंक रोड जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए फंड का बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है। - स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार (Health Sector)
मुंबई की बढ़ती आबादी को देखते हुए बीएमसी के अस्पतालों (जैसे केईएम, सायन, नायर) के साथ-साथ उपनगरीय अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपुलकी चिकित्सा’ योजना के तहत सस्ती जांच सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। - शिक्षा में डिजिटल क्रांति (Education)
बीएमसी अब अपने स्कूलों को निजी स्कूलों के टक्कर का बना रही है। बजट में डिजिटल क्लासरूम, नए स्किल डेवलपमेंट सेंटर और खगोलीय प्रयोगशालाओं (Astronomy Labs) के निर्माण का प्रावधान है। - प्रदूषण और पर्यावरण (Environment & Climate)
‘मुंबई एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान’ के तहत शहर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एंटी-स्मॉग गन, फॉगर्स और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। - जल प्रबंधन (Water Supply)
आने वाले समय में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए ‘डिसैलिनेशन प्लांट’ (समुद्र के पानी को मीठा करने का प्रोजेक्ट) और जल संचयन प्रणालियों पर निवेश बढ़ाया गया है।
📚बृहन्मुंबई महानगरपालिकेचे वित्तीय वर्ष २०२६ – २०२७ चे शिक्षण खात्याचे ‘ई’ अर्थसंकल्पीय अंदाज शिक्षण समिती सभेमध्ये, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगरे) डॉ. अविनाश ढाकणे यांनी शिक्षण समिती अध्यक्ष श्रीमती राजेश्री शिरवडकर यांच्याकडे आज सादर केले.
🔹यावेळी शिक्षण… pic.twitter.com/mLWzR1FFOf
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आम आदमी की जेब पर क्या असर?
राहत की बात यह है कि बजट में सीधे तौर पर किसी नए टैक्स का बोझ जनता पर नहीं डाला गया है। हालांकि, प्रशासन का ध्यान रेवेन्यू कलेक्शन (संपत्ति कर और अन्य शुल्क) को और अधिक कुशल बनाने पर है ताकि विकास कार्यों के लिए धन की कमी न हो।
एक भविष्यवादी विजन
कमिश्नर भूषण गगरानी द्वारा पेश किया गया यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह बदलती मुंबई की तस्वीर है। 80 हजार करोड़ से अधिक का यह निवेश मुंबई को केवल एक ‘बिजनेस कैपिटल’ ही नहीं, बल्कि एक ‘लिवेबल सिटी’ (रहने योग्य शहर) बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
यह बजट मुंबई के भविष्य की नींव है, जिसमें आधुनिकता और आम आदमी की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी ।































