Budget 2026: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार के बजट की सराहना करते हुए इसे देश के ढांचागत विकास (Infrastructure Development) को नई गति देने वाला बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बजट में महाराष्ट्र के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जो राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदल देंगे।
महाराष्ट्र की झोली में क्या आया?
बजट में महाराष्ट्र के विकास के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है:
- सहायक अनुदान: राज्य को 50,511 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान।
- ऋण वितरण: विकास कार्यों के लिए 89,855.80 करोड़ रुपये के ऋण की व्यवस्था।
- ऐतिहासिक मदद: गडकरी ने बताया कि 2014 से 2026 तक राज्य सरकार को कुल 3.66 लाख करोड़ रुपये का अनुदान मिल चुका है।
कनेक्टिविटी का नया दौर: हाई-स्पीड रेल और जलमार्ग
परिवहन के क्षेत्र में सरकार का जोर गति और सुरक्षा पर है। गडकरी ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की:
- नागपुर-मुंबई हाई-स्पीड रेल: इस महत्वाकांक्षी प्रकल्प को तेजी से पूरा किया जाएगा।
- नए कॉरिडोर: सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है, जिनमें ‘मुंबई-पुणे’ और ‘पुणे-हैदराबाद’ जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं।
- जलमार्ग का विस्तार: देश में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
- सी-प्लेन योजना: नागपुर और महाराष्ट्र में सी-प्लेन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए ‘विजिबिलिटी गैप फंड’ (VGF) योजना से आर्थिक मदद दी जाएगी।
कृषि और सिंचाई: विदर्भ-मराठवाड़ा पर विशेष ध्यान
खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं:
- सिंचाई प्रकल्प: विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए 2,750 करोड़ रुपये के सिंचाई प्रकल्प प्रस्तावित हैं।
- सौर ऊर्जा: उपसा सिंचन योजना के सौर ऊर्जाकरण के लिए 207.10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- कृषि परिवर्तन: महाराष्ट्र एग्रीबिजनेस और ग्रामीण परिवर्तन प्रकल्पों के लिए करोड़ों रुपये का निवेश किया जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत: कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग
गडकरी ने जानकारी दी कि देश में 10 हजार करोड़ रुपये का ‘कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग ईको सिस्टम’ तैयार किया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
नितिन गडकरी का विजन, “सड़क परिवहन मंत्रालय को मिले 3.10 लाख करोड़ के बजट के साथ हमारा लक्ष्य एक ऐसा ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाना है जो तेज, सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल हो। रेल, सड़क और जलमार्ग का संगम महाराष्ट्र को प्रगति की नई ऊंचाई पर ले जाएगा।”






























