नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री श्री दत्तात्रय विठोबा भरणे ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में महाराष्ट्र के कृषि परिदृश्य, किसानों की समस्याओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
प्रमुख मांगों पर केंद्र का सकारात्मक रुख
बैठक के दौरान श्री भरणे ने महाराष्ट्र में कृषि यंत्रीकरण (Agricultural Mechanization) और ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) के विस्तार के लिए केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने राज्य के तटीय क्षेत्रों में बेमौसम बारिश के कारण आम और काजू की फसलों को हुए व्यापक नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नुकसान के सटीक आकलन के लिए केंद्रीय टीम पहले ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर विशेष जोर
किसानों को राहत देने के संकल्प को दोहराते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक बिना किसी देरी के पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में बीमा राशि किसानों के लिए सबसे बड़ा संबल होती है।
विकसित कृषि संकल्प अभियान और RKVY
केंद्रीय मंत्री ने बैठक में बताया कि किसानों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत 52 विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की प्रगति की निगरानी स्वयं केंद्रीय स्तर पर की जा रही है। साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर राज्य की कृषि उत्पादकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
प्याज उत्पादकों की चिंता का होगा समाधान
महाराष्ट्र में इस वर्ष प्याज के बंपर उत्पादन को देखते हुए श्री भरणे ने सुझाव दिया कि एपीएमसी (APMC) के माध्यम से सीधे किसानों से खरीद की जाए ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित कदम उठाने का ठोस आश्वासन दिया।































