मुंबई

Chennai Pattern Waste Management: चेन्नई मॉडल अपनाकर कल्याण-डोंबिवली बनेगा महाराष्ट्र का पहला कचरा मुक्त शहर

Chennai Pattern Waste Management: चेन्नई मॉडल अपनाकर कल्याण-डोंबिवली बनेगा महाराष्ट्र का पहला कचरा मुक्त शहर

कल्याण-डोंबिवली शहर अब स्वच्छता की नई मिसाल बनने की राह पर है। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (Kalyan Dombivli Municipal Corporation) ने शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए चेन्नई मॉडल कचरा प्रबंधन (Chennai Pattern Waste Management) को अपनाने का फैसला किया है। यह पहल महाराष्ट्र में अपनी तरह की पहली और देश में चेन्नई के बाद दूसरी है। 18 मई 2025 को कल्याण में इस परियोजना का उद्घाटन होने जा रहा है। यह खबर नई पीढ़ी के लिए खास है, जो स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल शहर में रहना चाहती है।

कल्याण-डोंबिवली के नागरिक लंबे समय से कचरा प्रबंधन की समस्याओं से जूझ रहे हैं। गलियों में फैला कचरा, अनियमित कचरा संग्रह और सड़कों पर गंदगी शहर की छवि को धूमिल कर रही थी। इस समस्या का समाधान खोजने के लिए कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (Kalyan Dombivli Municipal Corporation) ने चेन्नई की तर्ज पर एक अनूठी पहल शुरू की है। चेन्नई ने 2020 में अपनी चेन्नई मॉडल कचरा प्रबंधन (Chennai Pattern Waste Management) योजना शुरू की थी, जिसने शहर को स्वच्छता के मामले में देश में अग्रणी बना दिया। चेन्नई की सड़कें आज कचरे से मुक्त हैं, और वहां के नागरिकों ने इस पहल में सक्रिय योगदान दिया है।

कल्याण-डोंबिवली में इस परियोजना का पहला चरण सात प्रभागों—डी, ई, एफ, जी, एच, आई और जे—में लागू होगा। ये प्रभाग कल्याण पूर्व, डोंबिवली और कल्याण ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करते हैं। इस पहल का लक्ष्य हर घर से कचरा इकट्ठा करना, सड़कों को साफ रखना और कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करना है। कचरा संग्रह और परिवहन का जिम्मा सुमित एल्कोप्लास्ट जैसी अनुभवी संगठनों को सौंपा गया है, जिन्होंने पहले भी कचरा मुक्त शहर की पहल को सफल बनाया है। यह परियोजना तकनीक और मानव संसाधनों के मजबूत सहयोग पर आधारित है।

चेन्नई मॉडल की खासियत इसका व्यवस्थित और तकनीक आधारित दृष्टिकोण है। कल्याण-डोंबिवली में भी यही मॉडल अपनाया जा रहा है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए दिन में तीन पालियों में काम होगा। हर घर से कचरा इकट्ठा किया जाएगा, और मुख्य व आंतरिक सड़कों की सफाई के लिए पावर स्वीपर मशीनों का उपयोग होगा। इससे न केवल सड़कें साफ रहेंगी, बल्कि शहर का पर्यावरण भी बेहतर होगा। नई पीढ़ी, जो स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है, इस बदलाव को देखकर उत्साहित है। स्वच्छ सड़कें और कचरा मुक्त गलियां न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को भी ऊंचा करेंगी।

इस परियोजना में तकनीक का भी बड़ा योगदान है। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (Kalyan Dombivli Municipal Corporation) ने कचरा से संबंधित शिकायतों के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना बनाई है। नागरिक सोशल मीडिया या फोन के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे, जिन्हें एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (ICCC) द्वारा तुरंत हल किया जाएगा। यह तकनीकी नवाचार शहरवासियों को अपनी समस्याएं आसानी से उठाने का मौका देगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी गली में कचरा जमा हो रहा है, तो नागरिक ऐप के जरिए तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं, और उसे जल्दी हल किया जाएगा।

चेन्नई में इस मॉडल की सफलता का एक बड़ा कारण वहां के नागरिकों की भागीदारी थी। कल्याण-डोंबिवली में भी यही उम्मीद की जा रही है। KDMC के प्रमुख अभिनव गोयल ने बताया कि यह परियोजना नागरिकों के सहयोग के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि अगर लोग कचरे को अलग-अलग करके, जैसे गीला और सूखा कचरा, देने में मदद करें, तो यह पहल और तेजी से सफल होगी। चेन्नई में लोगों ने कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन किया, जिसके कारण शहर ने पिछले चार सालों में स्वच्छता के नए कीर्तिमान बनाए। कल्याण-डोंबिवली के लोग भी इस बदलाव का हिस्सा बन सकते हैं।

यह परियोजना केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है। इसका मकसद शहर को पर्यावरण के अनुकूल और रहने योग्य बनाना है। स्वच्छ सड़कें और कचरा मुक्त क्षेत्र न केवल स्वास्थ्य समस्याओं को कम करेंगे, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा देंगे। नई पीढ़ी के लिए यह एक ऐसा अवसर है, जहां वे अपने शहर को बदलने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। कचरा प्रबंधन की यह पहल कल्याण-डोंबिवली को महाराष्ट्र का एक चमकता सितारा बना सकती है।


#KalyanDombivli, #ChennaiPattern, #WasteManagement, #GarbageFreeCity, #CleanMaharashtra

ये भी पढ़ें: Drawing Teachers: महाराष्ट्र में 500 से कम छात्रों वाले स्कूलों में चित्रकला शिक्षक नहीं, शिक्षकों में आक्रोश

You may also like