Dr Consultation for one rupee: मुंबई जैसे बड़े शहर में स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर महंगी होती हैं, लेकिन अब एक नई पहल इस तस्वीर को बदलने जा रही है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा ने एक खास योजना शुरू की है, जिसके तहत सिर्फ एक रुपये में डॉक्टर से सलाह (consultation for one rupee) और दस रुपये में टेस्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह खबर नई पीढ़ी के लिए इसलिए खास है, क्योंकि कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सेवा हर किसी का हक है। आइए, इस योजना की पूरी कहानी को आसान भाषा में समझते हैं।
म्हाडा ने यह कदम राज्य के आवास मंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर उठाया है। इसके तहत मुंबई की 34 रिहायशी कॉलोनियों में ‘आपला दवाखाना’ नाम से क्लीनिक खोले जाएंगे। इन क्लीनिकों में लोग सिर्फ एक रुपये देकर डॉक्टर से मिल सकेंगे। साथ ही, ब्लड टेस्ट और डायबिटीज जैसे जरूरी टेस्ट सिर्फ दस रुपये में होंगे। यह सुविधा न सिर्फ म्हाडा कॉलोनियों में रहने वालों के लिए है, बल्कि आम लोग भी इसका फायदा उठा सकेंगे। इस योजना को शुरू करने के लिए म्हाडा ने ‘मैजिकदिल हेल्थ फॉर ऑल’ नाम की संस्था के साथ हाथ मिलाया है, जो पहले से ही ‘वन रुपी क्लीनिक’ चला रही है।
इस समझौते पर मुहर म्हाडा के बांद्रा मुख्यालय में लगी। इस मौके पर म्हाडा के सीईओ संजीव जायसवाल और वन रुपी क्लीनिक के प्रतिनिधि मौजूद थे। हर क्लीनिक के लिए 400 वर्ग फीट की जगह दी जाएगी, जो मुंबई के अलग-अलग इलाकों में होगी। इनमें कोलाबा, कफ परेड, चेंबूर, घाटकोपर, विक्रोली, कांदिवली, सायन, अंधेरी, बांद्रा, जुहू, कुर्ला और बोरीवली जैसे इलाके शामिल हैं। इन जगहों पर रहने वाले हजारों लोगों को अब सस्ती स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी। यह योजना शहर के हर कोने तक पहुंचने की कोशिश है, ताकि कोई भी इलाज के लिए परेशान न हो।
सिर्फ एक रुपये में डॉक्टर से सलाह (consultation for one rupee) लेना सुनने में थोड़ा अचंभित करने वाला लगता है, लेकिन यह सच है। इस पहल का मकसद उन लोगों की मदद करना है, जो महंगे अस्पतालों का खर्च नहीं उठा सकते। खास तौर पर नई पीढ़ी, जो अपने करियर और जिंदगी को संवारने में लगी है, उनके लिए यह एक बड़ा सहारा बन सकता है। दस रुपये में टेस्ट (tests for ten rupees) जैसी सुविधा भी इस योजना को खास बनाती है। इससे लोग अपनी सेहत की नियमित जांच करा सकेंगे, बिना जेब पर ज्यादा बोझ डाले।
मुंबई में पहले भी सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की कोशिश हुई है, लेकिन म्हाडा की यह योजना अपने दायरे और सादगी के लिए अलग है। कोलाबा जैसे पॉश इलाके से लेकर बोरीवली जैसे आम इलाके तक, यह योजना हर तबके को छूने की कोशिश कर रही है। म्हाडा का कहना है कि वे इन क्लीनिकों के जरिए न सिर्फ अपने कॉलोनी वालों की मदद करेंगे, बल्कि आसपास के लोगों को भी फायदा पहुंचाएंगे। यह एक ऐसा कदम है, जो स्वास्थ्य को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में बढ़ा है।
इस योजना की खासियत यह है कि यह तकनीक और सामाजिक जरूरतों का मिश्रण है। हर क्लीनिक को रिहायशी इलाकों में बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को दूर न जाना पड़े। साथ ही, मैजिकदिल हेल्थ फॉर ऑल जैसी संस्था के साथ मिलकर इसे चलाना सुनिश्चित करता है कि यह लंबे समय तक कामयाब रहे। दस रुपये में टेस्ट (tests for ten rupees) जैसी सुविधा से लोग अपनी सेहत पर नजर रख सकेंगे, जो आज के समय में बहुत जरूरी है। खासकर युवाओं के लिए, जो अक्सर व्यस्तता में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं।
म्हाडा की यह पहल इसलिए भी अहम है, क्योंकि मुंबई जैसे शहर में जगह और संसाधन सीमित हैं। फिर भी, 400 वर्ग फीट की छोटी जगह में क्लीनिक शुरू करके वे बड़ा बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह योजना उन लोगों के लिए राहत की सांस है, जो छोटी-मोटी बीमारी के लिए भी बड़े अस्पतालों की लंबी लाइनों में खड़े रहते हैं। कोलाबा से कांदिवली तक फैली यह योजना शहर की विविधता को भी दर्शाती है।