मुंबई जैसी जगह में चोरों से हमेशा सावधान रहना चाहिए। जरा सी भोली-भाली बातों में आकर लोग अपना सब कुछ गंवा देते हैं! कलबादेवी में एक सुनार के साथ ऐसा ही हुआ। बेचारे को दो लोगों ने ‘गुलाब’ का बहाना बनाकर बहकाया, और फिर लाखों का जेवर लेकर भाग गए।
ये हसरुल मौलिक नाम का सुनार, कलबादेवी में एक सोने की फैक्ट्री में काम करता है। कल उसके मालिक ने उसे 21 लाख के जेवर, जिसमें 8 सोने के कंगन, 3 हार वगैरह थे, एक जगह से दूसरी जगह ले जाने को कहा। मालिक कितना बेपरवाह है, इतना कीमती सामान ऐसे ही थैले में देकर भेज दिया!
मौलिक ये जेवर लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में उसे दो आदमी मिले। उन लोगों ने बड़ी मीठी बातें बनाईं – बोले कि साहब, पैसे खत्म हो गए हैं, दरगाह पर गुलाब चढ़ाना है, थोड़ी मदद कर दो। मौलिक ने भी सोचा, चलो अच्छा काम है, और उनके साथ फूलगली में गुलाब ढूंढने चल दिया। दोपहर का वक्त था, फूल तो मिले नहीं, पर उन चोरों ने उसे इधर-उधर घुमा-घुमाकर परेशान कर दिया।
अचानक उन दोनों ने मौलिक का थैला ले लिया, और बोले – आपने इतनी मदद की है, आपको दुआएं देंगे। मौलिक जैसे ही पीछे मुड़ा, वो दोनों झट से जेवर लेकर भाग निकले! बेचारा कुछ समझ भी नहीं पाया।
मौलिक ने फ़ौरन अपने मालिक को फोन किया, और फिर पुलिस के पास रिपोर्ट लिखाई। अब पुलिस CCTV फुटेज देखकर उन चोरों को ढूंढने की कोशिश कर रही है।
देखा, धर्म के नाम पर कैसे लोगों को बेवकूफ बनाया जाता है! मुंबई में अपने सामान का और अपनी जान का ध्यान खुद ही रखना पड़ता है, किसी और पर भरोसा नहीं करना चाहिए। जरा सी लापरवाही बहुत महंगी पड़ सकती है!































