नासिक, महाराष्ट्र: धर्म और ज्योतिष के नाम पर लोगों को ठगने वाला नासिक का भोंदू बाबा, अशोक खरात (Ashok Kharat), अब पुलिस की गिरफ्त में है। सिन्नर के वावी गांव का रहने वाला यह ढोंगी बाबा भक्तों को डराकर करोड़ों की ठगी करता था और महिलाओं के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोपों में घिरा हुआ है।
बचपन और गांव के किस्से
गांव वालों के अनुसार, अशोक खरात (Ashok Kharat) का अतीत बेहद साधारण और हैरान करने वाला रहा। 10वीं कक्षा फेल होने वाले खरात ने अपने स्कूल और गांव के दिनों में मुर्गियों और अंडों की चोरी कर उन्हें बेचने का काम किया। वहीं आज वही व्यक्ति बड़े नेताओं, अभिनेताओं और रसूखदार लोगों के बीच हाई-प्रोफाइल ज्योतिषी के रूप में दिखता है।
एक गांव के बुजुर्ग ने बताया, “स्कूल के दिनों में अंडों की चोरी करने वाला ये शख्स आज करोड़ों का मालिक बन गया। हमें हंसी भी आती है और गुस्सा भी कि उसने हमारे गांव का नाम बदनाम किया।”
ठगी और डर का खेल
अशोक खरात (Ashok Kharat) का सबसे बड़ा हथियार था भक्तों में डर पैदा करना।
- वो भक्तों को नासिक के ईशान्येश्वर मंदिर के पीछे आधी रात के समय ले जाता और अवतार पूजा का नाटक करता।
- भक्तों को चावल देकर कहता कि अगर एक भी दाना गिरा, तो नाग देवता उन्हें डस देंगे।
- इस डर का फायदा उठाकर वो मंत्रों और अंधेरे में रिमोट कंट्रोल वाले नकली सांप से भक्तों को डराता और लाखों रुपये वसूलता।
महिलाओं का यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग
खरात केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं था। वो भविष्य बताने के बहाने महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। आरोप है कि उसने कई महिलाओं का यौन शोषण किया और उन पलों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। अब तक उसके खिलाफ 7 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
हाई-प्रोफाइल रसूख और राजनीति
अशोक खरात (Ashok Kharat) ने अपनी छवि एक बड़े ज्योतिषी और अंकशास्त्री के रूप में बनाई थी। कई बड़े नेता, अभिनेता और रसूखदार लोग अपनी किस्मत दिखाने उसके पास आते थे। इस रसूख का इस्तेमाल वो अपने काले साम्राज्य को फैलाने के लिए करता था। लेकिन अब पुलिस कस्टडी में उसकी सारी फर्जी शक्तियां नाकाम साबित हो रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांग
सरकारवाडा पुलिस स्टेशन में खरात के खिलाफ धोखाधड़ी और अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। वावी गांव के लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे ढोंगी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, जिसने धर्म का मजाक बनाया और गांव की प्रतिष्ठा को धूमिल किया।
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