मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच कश्मीर से मानवता, एकजुटता और सहानुभूति की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। ईरान में युद्ध से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कश्मीर के कई इलाकों में बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया गया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
ईद के बाद शुरू हुआ मानवीय अभियान
ईद-उल-फितर के तुरंत बाद कश्मीर घाटी के बडगाम, बारामूला और अन्य शिया-बहुल क्षेत्रों में लोगों ने राहत अभियान की शुरुआत की। स्थानीय युवाओं ने घर-घर जाकर दान इकट्ठा किया और लोगों ने दिल खोलकर इस पहल में हिस्सा लिया।
इस अभियान की खास बात ये रही कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता के लिए योगदान दिया।
नकद से लेकर गहनों तक का दान
राहत अभियान के दौरान लोगों ने केवल नकद ही नहीं, बल्कि सोने-चांदी के आभूषण, मवेशी और पारंपरिक बर्तन तक दान किए। कई महिलाओं ने अपने निजी गहने भी इस मानवीय कार्य के लिए समर्पित कर दिए।
एक भावुक उदाहरण में, एक विधवा महिला ने अपने दिवंगत पति की याद में 28 वर्षों से संभालकर रखा सोने का स्मृति चिन्ह भी दान कर दिया। वहीं बच्चों ने अपनी जमा पूंजी और ईद पर मिले पैसे भी राहत कोष में दे दिए।
जनप्रतिनिधियों और समाज का समर्थन
इस पहल को जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिला। बडगाम के विधायक मुंतजिर मेहदी ने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की। स्थानीय लोगों का कहना है कि ईरान में संघर्ष के कारण भारी तबाही हुई है और ऐसे समय में वैश्विक स्तर पर मदद की जरूरत है।
Even Kashmiri children are offering their piggy banks as gifts to Iran.
God bless you. pic.twitter.com/OfI6w4rNUb— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
ईरान दूतावास ने जताया आभार
भारत में स्थित ईरान के दूतावास ने कश्मीर के लोगों की इस पहल की सराहना की है। सोशल मीडिया के माध्यम से दूतावास ने कहा कि कश्मीर के लोगों की दयालुता और एकजुटता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। यह पहल दोनों देशों के बीच भावनात्मक और मानवीय संबंधों को और मजबूत करती है।
सहायता जुटाने की पृष्ठभूमि
हाल ही में ईरान के दूतावास ने भारत में एक बैंक खाता साझा कर सहायता की अपील की थी। इसके बाद कश्मीर में बड़े स्तर पर दान अभियान शुरू हो गया। एकत्रित धन और सामग्री को आधिकारिक माध्यमों से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा।
Shia mother and sister in 🇮🇳Kashmir show preparations to help Iran with gold and money huge respect 🫡🇮🇷🤍 pic.twitter.com/87FHslufJH
— Hҽɳɾყ♥️ (@notYOURHENRY) March 22, 2026
भारत-ईरान संबंधों को मिला नया आयाम
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध रहे हैं। कश्मीर से उठी इस मानवीय पहल ने इन रिश्तों को और मजबूत करने का काम किया है। ये अभियान न केवल सहायता का माध्यम बना, बल्कि इंसानियत और वैश्विक एकजुटता का प्रतीक भी बन गया।
कश्मीर के लोगों द्वारा दिखाई गई यह संवेदनशीलता ये दर्शाती है कि मुश्किल समय में सीमाएं मायने नहीं रखतीं। ये पहल मानवता के उस मूल भाव को उजागर करती है, जहां एक समाज दूसरे समाज के दर्द को अपना समझकर मदद के लिए आगे आता है।
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