पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान Imran Khan की बिगड़ती सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता गहरा गई है। 73 वर्षीय इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आई हालिया रिपोर्ट्स के बाद दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को संयुक्त पत्र लिखकर उन्हें तत्काल और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस अपील की सबसे उल्लेखनीय बात ये है कि पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 14 दिग्गजों में एक भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शामिल नहीं है। मामला अब खेल की सीमाओं से आगे बढ़कर मानवीय और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है।
शहबाज सरकार से की गई औपचारिक अपील
पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को संबोधित पत्र में इमरान खान की हिरासत की स्थिति और उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पत्र में कहा गया है कि इमरान खान विश्व क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक रहे हैं और उन्होंने 1992 विश्व कप में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।
पत्र में ये भी उल्लेख किया गया है कि हालिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी दृष्टि संबंधी समस्या गंभीर हो गई है। पूर्व कप्तानों ने आग्रह किया है कि उन्हें तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उचित चिकित्सा सुविधा दी जाए और हिरासत की स्थिति मानवीय व गरिमापूर्ण रखी जाए।
किन दिग्गजों ने किए हस्ताक्षर?
इस संयुक्त पत्र पर भारत के महान क्रिकेटर Sunil Gavaskar और Kapil Dev सहित कई अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनके अलावा ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरले, डेविड गावर, किम ह्यूज, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट जैसे नाम भी शामिल हैं।
ध्यान देने वाली बात ये है कि इस सूची में किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम नहीं है, जिससे इस मुद्दे पर पाकिस्तान के भीतर की स्थिति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य को लेकर क्या हैं चिंताएं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। उनके परिवार की ओर से भी आरोप लगाए गए हैं कि उन्हें जेल में मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। दिसंबर 2025 में उनके बेटे सुलेमान ने दावा किया था कि इमरान को एक छोटी कोठरी में रखा गया है, जिसे ‘डेथ सेल’ कहा जाता है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए थे। दिसंबर 2025 में उन्हें 31 वर्ष की सजा सुनाई गई थी।
पाकिस्तानी पूर्व कप्तानों की चुप्पी
हालांकि हाल के दिनों में वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी जैसे पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग की थी, लेकिन इस औपचारिक अंतरराष्ट्रीय अपील में किसी भी पाकिस्तानी पूर्व कप्तान ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
ये स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है और इसे राजनीतिक संवेदनशीलता से भी जोड़ा जा रहा है।
खेल से परे एक मानवीय अपील
पत्र के अंत में पूर्व कप्तानों ने स्पष्ट किया है कि यह अपील किसी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि खेल भावना और मानवीय मूल्यों के तहत की गई है। उन्होंने लिखा है कि क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक सेतु का काम करता रहा है और प्रतिद्वंद्विता केवल मैदान तक सीमित रहती है।
इमरान खान की सेहत को लेकर उठी यह अंतरराष्ट्रीय आवाज अब केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि मानवीय चिंता का विषय बन चुका है। दुनिया भर के क्रिकेट दिग्गजों की अपील के बाद अब नजर पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
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